पाकिस्तान सरकार ने अमेरिकन ब्लॉगर सिंथिया रिची को 15 दिन में देश छोड़ने के आदेश दे दिए। रिची ने जून में पूर्व गृह मंत्री रहमान मलिक पर रेप और पूर्व पीएम यूसुफ रजा गिलानी पर बदसलूकी के आरोप लगाए थे। हैरानी की बात ये है कि मंगलवार को ही रिची की वीजा बढ़ाने की याचिका पर इस्लामाबाद हाईकोर्ट में सुनवाई शुरू हुई थी। हाईकोर्ट ने निचली अदालत से मामले की सुनवाई जल्द करने को कहा था।
रिची 11 साल से पाकिस्तान में हैं। बेनजीर भुट्टो और उसके बाद की सरकारों में उनका काफी प्रभाव माना जाता है। 2011 से 2014 तक तो रिची पाकिस्तान के राष्ट्रपति भवन में ही रहती थीं।
दबाव में लिया फैसला
पाकिस्तान के गृह मंत्रालय ने कोर्ट में मामला होने के बावजूद बुधवार शाम एक आदेश जारी कर रिची को 15 दिन में देश छोड़ने का आदेश दिया। उनके वीजा एक्सटेंशन की मांग खारिज कर दी गई। 10 जुलाई को इस्लामाबाद हाईकोर्ट ने माना था कि रिची पर लगाए जा रहे आरोप राजनीति से प्रेरित नजर आते हैं। रिची के मामले में इमरान सरकार और विपक्षी पार्टी पीपीपी साथ नजर आए। दोनों के नेताओं ने उन्हें अमेरिका भेजने की मांग की।
होम सेक्रेटरी को ही नियमों की जानकारी नहीं
सोमवार को इस्लामाबाद हाईकोर्ट के चीफ जस्टिस अथहर मिन्ल्लाह ने रिची की याचिका पर सुनवाई के दौरान कहा था- हैरानी होती है कि वीजा नियमों को लेकर सरकार और अफसर सफाई पेश नहीं कर पाते। होम सेक्रेटरी को ही इस बारे में कोई जानकारी नहीं है। अगर सरकार को वीजा एक्सटेंशन में कोई दिक्कत तो इसकी वजह बतानी होगी। इसके बाद मामला निचली अदालत को सौंप दिया गया था।
रिची ने क्या कहा
पाकिस्तान छोड़ने का आदेश मिलने के बाद सिंथिया ने कहा- कोई यह बताए कि मैंने किस नियम को तोड़ा है। यह पूरी तरह दबाव में लिया गया फैसला है। मेरे पास वर्क वीजा है। मैं इस आदेश को कोर्ट में चैलेंज करूंगी।
क्यों चर्चा में रिची
जून में रिची ने ट्विटर पर एक बयान जारी किया। इससे पाकिस्तान की सियासत में भूचाल आ गया। रिची ने पूर्व गृह मंत्री रहमान मलिक पर रेप का आरोप लगाया। पूर्व प्रधानमंत्री यूसुफ रजा गिलानी पर बदसलूकी के आरोप लगाए। कुछ दूसरे नेताओं से उनके करीबी रिश्ते बताए जाते हैं। कुछ लोग उन्हें अमेरिकी खुफिया एजेंसी सीआईए का एजेंट बताते हैं। रिची का रुतबा इतना ज्यादा है कि वे आज भी पाकिस्तान के हर हिस्से और मंत्रालयों में बेरोकटोक जा सकती हैं।
गिलानी ने सिंथिया को नोटिस भेजकर 10 करोड़ का हर्जाना मांगा
शारीरिक प्रताड़ना के आरोपों के बाद पाकिस्तान के पूर्व प्रधानमंत्री यूसुफ रजा गिलानी ने 10 जून को सिंथिया को एक कानून नोटिस भेजा। उन्होंने 10 करोड़ रुपए हर्जाने और माफी की मांग की। पूर्व गृह मंत्री रहमान मलिक ने भी कानूनी नोटिस भेजने की बात कही है।
इमरान की सोशल मीडिया टीम में थीं सिंथिया
सिंथिया जून तक प्रधानमंत्री इमरान खान की सोशल मीडिया टीम में थीं। उन्हें वहां से हटाने का कोई औपचारिक आदेश कभी जारी नहीं किया गया। इमरान खान और रिची के संबंध 2009 से बताए जाते हैं। तब वे विदेशी मीडिया में इमरान के समर्थन में आर्टिकल भी लिखती थीं।
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1. अमेरिकी ब्लॉगर का पाकिस्तान के पूर्व गृह मंत्री पर रेप का आरोप, कहा- पूर्व प्रधानमंत्री गिलानी ने भी बदसलूकी की
2. कोर्ट ने पूर्व पीएम गिलानी पर शारीरिक प्रताड़ना का आरोप लगाने वाली सिंथिया पर मामला दर्ज करने का आदेश दिया
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