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Friday, 4 September 2020

अमेरिकी मैगजीन का दावा- ट्रम्प ने जान गंवाने वाले सैनिकों को लूजर्स कहा; बाइडेन बोले- मेरा बेटा इराक में तैनात रहा, वो हारा नहीं था

अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प के लिए नई मुश्किल खड़ी हो गई है। अटलांटिक मैगजीन के मुताबिक- ट्रम्प ने युद्ध में मारे गए अमेरिकी सैनिकों को लूजर्स (हारने वाला) कहा है। ट्रम्प खुद को लंबे अरसे से आर्म्ड फोर्सेस का चैंपियन बताते रहे हैं। उन्होंने सेना को फिर मजबूत करने का दावा भी किया है। लेकिन, सैनिकों के लिए कथित तौर पर पराजित शब्द का इस्तेमाल करने के बाद अब उनको डेमोक्रेट्स और दूसरे विरोधियों का सामना करना पड़ रहा है।

बाइडेन ने कहा- करियर में कभी इतना निराश नहीं हुआ
डेमोक्रेटिक उम्मीदवार जो बाइडेन ने भी ट्रम्प की आलोचना की है। उन्होंने कहा- मेरा बेटा बीयू बाइडेन इराक में तैनात रहा। वह तो नहीं हारा था। 2015 में उसकी ब्रेन कैंसर से मौत हो गई थी। आप कैसा महसूस करते, अगर आपका बेटा इस वक्त अफगानिस्तान में होता। अगर आप बेटा, बेटी, पति या पत्नी खो दें तो कैसा लगेगा?" बाइडेन ने ट्रम्प के बयान को अपमानजनक, गैर अमेरिकी और घटिया बताया। कहा- मैं करियर में इतना निराश कभी नहीं हुआ।

ट्रम्प बोले- ये बयान कभी नहीं दिया, सैनिक असली हीरो
दूसरी तरफ, ट्रम्प डैमेज कंट्रोल की कोशिश कर रहे हैं। उनके मुताबिक, उन्होंने सैनिकों को लूजर वाला बयान कभी दिया ही नहीं। अमेरिकी राष्ट्रपति ने कहा, " यह फर्जी कहानी है। लोग इस तरह के आरोप कैसे लगा सकते हैं। मेरे लिए सैनिक रियल हीरो हैं।” हालांकि, इस दौरान उन्होंने एक पूर्व मिलिट्री ऑफिसर जॉन एफ कैली पर निशाना साधा। कैली व्हाइट हाउस में चीफ ऑफ स्टाफ रह चुके हैं। कैली पर ट्रम्प ने कहा, "वे काबिल नहीं थे। अच्छा काम भी नहीं किया। इसलिए मैंने उन्हें निकाल दिया।"

अटलांटिक मैगजीन ने क्या लिखा?
अटलांटिक मैगजीन की रिपोर्ट के मुताबिक- ट्रम्प 2018 में फ्रांस गए थे। इस दौरान उन्होंने वर्ल्ड वार-1 में मारे गए अमेरिकी सैनिकों के स्मारक पर जाने से इनकार कर दिया था। तब बारिश भी हो रही थी। मैगजीन का आरोप है कि तब ट्रम्प ने एक अफसर से कहा था- मुझे उस स्मारक पर क्यों जाना चाहिए? वहां तो लूजर्स (हारे हुए ये पराजित) हैं।" इस दौरान केवल चार लोग मौजूद थे। हालांकि, रिपोर्ट में उनके नाम नहीं बताए गए हैं।

सेना का 'स्टार एंड स्ट्राइप्स' अखबार बंद नहीं होगा
मिलिट्री टाइम्स के नए पोल के मुताबिक सैनिकों में बाइडेन (41%) की ट्रम्प (37%) पर बढ़त है। इसको देखते हुए राष्ट्रपति ट्रम्प ने तुरंत सेना के साथ चल रहे मुद्दों को निपटाने की कोशिश की है। उन्होंने घोषणा की है कि वह मिलिट्री के इंडिपेंडेंट न्यूजपेपर 'स्टार एंड स्ट्राइप्स ' की फंडिंग खत्म नहीं करेंगे। ट्रम्प ने कहा- यह अखबार सेना को जानकारी देता रहेगा। टैबलॉयड आकार का यह पेपर 1860 से चल रहा है। ट्रम्प की यह घोषणा इसलिए अहम हो जाती है क्योंकि अमेरिकी रक्षा विभाग पेंटागन ने अखबार को 30 सितंबर तक बंद करने का आदेश दिया था।

न्यूयॉर्क टाइम्स की ये खबरें भी पढ़ सकते हैं...
1. अमेरिका में राष्ट्रपति चुनाव:क्या हो अगर ट्रम्प बैलट वोटिंग से धोखाधड़ी का बहाना बनाकर राष्ट्रपति पद छोड़ने से मना कर दें? कितनी डरावनी होगी इलेक्शन वाली रात और आने वाले दिन
2. अमेरिका के राष्ट्रपति चुनाव में सेहत का मुद्दा:74 साल के ट्रम्प के सामने 77 साल के बाइडेन; ट्रम्प कहते हैं कि बाइडेन डिमेंशिया से पीड़ित हैं, लेकिन खुद के मिनी स्ट्रोक्स को लेकर सवालों के घेरे में



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डोनाल्ड ट्रम्प के मुताबिक, उन्होंने कभी सैनिकों को अपमानित करने वाला बयान नहीं दिया। विपक्ष उनके एक पुराने बयान को मुद्दा बना रहा है। यह बयान अटलांटिक मैगजीन ने पब्लिश किया था।


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अमेरिकी एनएसए ने कहा- चुनाव प्रभावित करने के लिए चीन ने बड़ा प्रोग्राम बनाया, उसे इसके गंभीर नतीजे भुगतने होंगे

अमेरिका के नेशनल सिक्योरिटी एडवाइजर रॉबर्ट ओब्रायन के मुताबिक, चीन अमेरिका की राजनीति और खासतौर पर राष्ट्रपति चुनाव को बड़े पैमाने पर प्रभावित करने की तैयारी कर रहा है। ओब्रायन ने साजिश शब्द का इस्तेमाल तो नहीं किया, लेकिन ये जरूर साफ कर दिया कि चीन के इस खेल में रूस और ईरान भी शामिल हैं।

2016 में हुए राष्ट्रपति चुनाव में डोनाल्ड ट्रम्प को जीत मिली थी। तब रूस पर आरोप लगे थे कि उसने चुनाव को न सिर्फ प्रभावित किया बल्कि ट्रम्प की मदद की।

अमेरिकी एनएसए ने क्या कहा
मीडिया से बातचीत के दौरान रॉबर्ट ने कहा- इंटेलिजेंस कमेटी ने चुनाव के बारे में कई बातें साफ कर दी हैं। सबसे पहले चीन का नाम आता है। उसने हमारे चुनाव को प्रभावित करने के लिए सबसे बड़ा प्रोग्राम बनाया है। वो अमेरिका की राजनीति पर असर डालना चाहता है। इसके बाद ईरान और रूस का नाम आता है। ये तीन देश हैं जो हमारे चुनाव में रुकावट डालना चाहते हैं।

नतीजे भी भुगतने होंगे
ब्रायन ने कहा- हमारी राजनीति और चुनाव को प्रभावित करने के लिए बड़े पैमाने पर सायबर एक्टीविटीज कर रहा है। लेकिन, मैं बात और साफ कर दूं। अमेरिका इस बारे में सब जानता है और हमने इससे निपटने की पुख्ता तैयारियां की हैं। हम इस तरह की साजिशों को नाकाम करने में सक्षम हैं।
एनएसए ने कहा- हम पहले भी साफ तौर पर चीन, रूस और ईरान को चेतावनी दे चुके हैं। आज फिर दे रहे हैं कि अगर उन्होंने अमेरिकी सियासत या चुनाव में दखलंदाजी तो उन्हें इसके गंभीर नतीजे भुगतने होंगे।

चीन को लेकर विदेश नीति फेल
एक सवाल के जवाब में रॉबर्ट ने कहा- 40 साल से हम चीन को लेकर सही विदेश नीति नहीं बना सके। इसका खामियाजा उठा रहे हैं। हमने उसकी मिलिट्री की हरकतों को लेकर आंखें बंद रखीं। वो हमारे आईपी एड्रेस और बिजनेस सीक्रेट चुराता रहा। आज हमारे दोस्तों और अपने पड़ोसियों को धमका रहा है। ट्रम्प ने चीन को लेकर बेहद सख्त रवैया अपनाया। चीन हमारी तरह बनना चाहता है। इसमें कोई दिक्कत नहीं। लेकिन, वहां मानवाधिकारों की हालत देखिए, कितनी खराब है। एफबीआई के डायरेक्टर भी कह चुके हैं चीन ने इतिहास की सबसे बड़ी बौद्धिक चोरी की है।

इतना सख्त बयान क्यों
दरअसल, अगस्त में यूएस नेशनल काउंटर इंटेलिजेंस एंड सिक्योरिटी कमेटी की मीटिंग हुई थी। इसके डायरेक्टर विलियम ईवानिना ने तब कहा था- चीन चाहता है कि डोनाल्ड ट्रम्प यह चुनाव हार जाएं। जबकि, रूस बिडेन की जीत नहीं चाहता। हालांकि, सार्वजनिक तौर पर विलियम ने दोनों ही देशों के खिलाफ कोई सबूत नहीं दिए थे। उन्होंने ईरान पर भी साजिश में शामिल होने के आरोप लगाए थे। हालांकि, रूस ने बयान जारी कर सभी आरोप खारिज कर दिए थे।



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अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प के साथ नेशनल सिक्योरिटी एडवाइजर रॉबर्ट ओब्रायन। ओब्रायन के मुताबिक- चीन ने अमेरिकी चुनाव को प्रभावित करने के लिए एक बड़ा प्रोग्राम बनाया है। (फाइल)


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ट्रम्प ने कहा- भारत और चीन के बीच सीमा पर हालात बेहद खतरनाक, अमेरिका मदद को तैयार; प्रधानमंत्री मोदी को अच्छा दोस्त बताया

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने भारत और चीन के सीमा विवाद को खतरनाक बताया है। उन्होंने कहा- दोनों देशों के बीच सीमा पर हालात बेहद खतरनाक है और चीन इसे बढ़ा रहा है। मैं इस मामले में दोनों देशों की मदद करना चाहता हूं। इस बारे में भारत और चीन से बातचीत भी की जा रही है।

प्रधानमंत्री मोदी की तारीफ करते हुए ट्रम्प ने कहा- नरेंद्र मोदी मेरे बहुत अच्छे दोस्त हैं। वो शानदार तरीके से काम कर रहे हैं। राष्ट्रपति चुनाव में मुझे भारतीय मूल के लोगों का पूरा समर्थन मिलेगा।

मदद को तैयार
व्हाइट हाउस में प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान अमेरिकी राष्ट्रपति ने कहा- भारत और चीन के बीच सीमा विवाद बेहद खतरनाक स्थिति में पहुंच गया है। चीन इसे तनाव को बढ़ा रहा है। लेकिन, हम चाहते हैं कि यह मामला हल हो। मैं इसमें मदद करने को तैयार हूं। हम दोनों देशों के संपर्क में हैं। अगर मामले को सुलझाने में हम कुछ भी कर सकते हैं तो इसके लिए हमेशा तैयार हैं।
यह पूछे जाने पर कि क्या चीन भारत को धमका रहा है? ट्रम्प ने कहा- ऐसा निश्चित तौर पर हो सकता है।

मोदी की तारीफ
ट्रम्प ने प्रधानमंत्री के बारे में पूछे गए एक सवाल पर कहा- नरेंद्र मोदी मेरे दोस्त हैं और शानदार नेता है। वो बेहतरीन काम कर रहे हैं जबकि हालात मुश्किल हैं। मोदी बड़े नेता ही नहीं बल्कि बेहतरीन व्यक्ति भी हैं। फरवरी के भारत दौरे का जिक्र करते हुए ट्रम्प ने कहा- वो बहुत अच्छा दौरा था। भारत के लोग बहुत अच्छे हैं।

ह्यूस्टन के हाउडी मोदी कार्यक्रम को भी ट्रम्प ने बेहतरीन बताया। कहा- भारत और प्रधानमंत्री मोदी से हमें काफी सपोर्ट मिला है। मुझे पूरा भरोसा है कि चुनाव में भारतीय मूल के लोग ट्रम्प को ही वोट देंगे।

अमेरिका चुनाव से जुड़ी ये खबरें भी पढ़ सकते हैं...1. अमेरिका के राष्ट्रपति चुनाव में सेहत का मुद्दा:74 साल के ट्रम्प के सामने 77 साल के बाइडेन; ट्रम्प कहते हैं कि बाइडेन डिमेंशिया से पीड़ित हैं, लेकिन खुद के मिनी स्ट्रोक्स को लेकर सवालों के घेरे में2. अमेरिकी चुनाव में रूसी दखल:फेसबुक और ट्विटर ने कहा- रूस फिर अमेरिकियों तक गलत सूचनाएं पहुंचा रहा, फेक अकाउंट्स और वेबसाइट्स का नेटवर्क बनाया



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फोटो अगस्त 2019 की है। तब फ्रांस के बियारिट्स में जी-7 समिट के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने मुलाकात की थी। ट्रम्प ने कहा था कि मोदी की अंग्रेजी बहुत अच्छी है, पर वे अभी नहीं बोल रहे। इस पर मोदी ने उनके हाथ पर थपकी दी थी।


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क्या हो अगर ट्रम्प बैलट वोटिंग से धोखाधड़ी का बहाना बनाकर राष्ट्रपति पद छोड़ने से मना कर दें? कितनी डरावनी होगी इलेक्शन वाली रात और आने वाले दिन

यह 3 नवंबर की शाम है और अमेरिका में सभी लोग घबराए हुए स्क्रीन पर नजरें टिकाए हैं। सभी को चुनाव परिणामों का इंतजार है। शुरुआती रुझानों से लग रहा है कि यह रात डोनाल्ड ट्रम्प के लिए शानदार होने वाली है। पोलिंग स्टेशनों के वोटों की गिनती शुरू हो चुकी है। ट्रम्प पेंसिलवेनिया, विस्कॉन्सिन और मिशिगन से जीत हासिल करते दिख रहे हैं।

हालांकि, अभी तक इन राज्यों में मेल इन बैलट की गिनती शुरू नहीं हुई है। इसके बावजूद ट्रम्प जल्दबाजी में अपनी जीत का ऐलान कर देते हैं। ऐसा ही कुछ दूसरे रिपब्लिकन कैंडिडेट भी करते हैं। मीडिया शिकायत करता है कि सबकुछ जल्दबाजी में हो रहा है, लेकिन ट्रम्प तो अपनी खुशियों में सराबोर हैं।

ट्रम्प धोखाधड़ी की बात कहेंगे
डेमोक्रेट्स को पता है कि मेल इन बैलट के जरिए डाले गए 40% वोटों की गिनती होनी बाकी है। ये वोट जो बाइडेन के लिए अहम साबित होने वाले हैं। इन सबसे अनजान ट्रम्प समर्थक अपनी भावनाओं पर काबू नहीं रख पा रहे हैं। उनका उतावलापन बढ़ गया है। जैसे ही मेल इन बैलट की गिनती शुरू होती है, ट्रम्प पिछड़ने लगते हैं।

हालांकि, अभी भी नतीजों को लेकर कुछ भी स्पष्ट नहीं हैं। ट्रम्प ने अब दूसरा रास्ता अपना लिया है। उन्होंने धोखाधड़ी होने की बात कहकर नाराजगी जाहिर करना शुरू कर दिया है।

इसके बाद पूरे देश में बवाल
कुछ हफ्तों में ही मेल इन बैलट को लेकर कई केस दायर किए जा चुके हैं। हर जगह इसे चुनौती दी जा रही है। कुछ ऐसे हालात बन रहे हैं, जैसे 2000 में फ्लोरिडा में बने थे। लेकिन अब बात केवल एक राज्य की नहीं है, यह सबकुछ पूरे देश में हो रहा है। इस बार एक साथ कई राज्यों में आवाज उठ रही है। बैलट पर साइन में गड़बड़ी होने को लेकर भी सवाल उठाए जा रहे हैं। देशभर में इसे लेकर बवाल हो रहे हैं।

तब ट्रम्प खुद की जीत घोषित करेंगे
इस बीच, ट्रम्प कहते हैं कि वे डेमोक्रेट्स को चुनाव के नतीजों में हेराफेरी नहीं करने देंगे। वे खुद की जीत घोषित कर देते हैं। अब सवाल उठता है कि जब वे अपने कैम्पेन के लिए व्हाइट हाउस का इस्तेमाल कर सकते हैं तो अब उन्हें कौन रोकेगा? रिपब्लिकंस का एक वर्ग भी सड़कों पर उतर कर ट्रम्प की बातों को जायज ठहराने में जुट गया है।

अब लेफ्टिस्ट भी सड़कों पर
इन सबके बीच लेफ्टिस्ट भी सड़कों पर उतर चुके हैं। इनमें ऐसे लोग भी हैं जो नस्लवादियों और विद्रोहियों को जड़ से उखाड़ फेंकना चाहते हैं। इन लोगों को देश में अशांति पैदा करने का मौका मिल गया है। वे हिंसक हो चुके हैं। मॉडरेट्स और लिबरल्स अपने सिर झुका चुके हैं, ताकि वे हिंसक भीड़ का शिकार न हो जाएं। लेकिन, अब देश का गणतंत्र खतरे में हैं। लेकिन, इस हिंसा से कोई हल नहीं निकलेगा।

हॉन्गकॉन्ग और बेलारूस जैसे प्रदर्शन होंगे
अगर ट्रम्प एक ऐसी जीत पर दावा करते हैं जो वाकई उनकी नहीं है तो सड़कों पर उतरकर कुछ रैलियां भर कर लेने से कुछ नहीं होगा। इसके लिए लोगों को कार्रवाई करनी होगी। ठीक उसी तरह से जैसा हॉन्गकॉन्ग और बेलारूस में किया गया। लोकतंत्र को बचाने के इच्छुक लोगों को इसे तबाह करने वालों के खिलाफ एकजुट होना होगा।

इस तरह दो तरीके से विरोध किया जा सकता है। पहला तो यह कि कट्टर देशभक्ति से काम किया जाए। दूसरा यह हो कि पूरे अनुशासन में रहकर संविधान को बचाने की कोशिश हो। 1960 का सिविल राइट मूवमेंट इसका सबसे बड़ा उदाहरण है। अश्वेतों ने दशकों तक शांतिपूर्ण आंदोलन किया। बिना हिंसा के उस आंदोलन ने पूरे देश के दिलो दिमाग पर जीत हासिल की थी।

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Latest News On America Election; What Will You Do if Trump Doesn’t Leave?


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चीन में स्कूल-कॉलेज, सिनेमा हॉल खुले; लेकिन बीजिंग में विदेशियों की सीधी एंट्री बैन

कोरोना के संक्रमण को लेकर भले ही चीन दुनिया के आरोपों से घिरा हो, मगर इस तथ्य से इनकार नहीं किया जा सकता कि आज सिर्फ चीन में ही आर्थिक गतिविधियां और सामान्य जनजीवन पूरी तरह शुरू हो चुके हैं।

बाकी दुनिया में कहीं मजदूरों की कमी तो कहीं वैश्विक मांग घटी है, लेकिन चीन में निर्माण इकाइयों में पूरी क्षमता से उत्पादन हो रहा है। ज्यादातर देशों में जहां वर्क फ्रॉम होम अब न्यू नॉर्मल बन गया है, वहीं चीन में दफ्तर फिर पूरी स्टाफ क्षमता के साथ खुल चुके हैं।

सार्वजनिक परिवहन के साधन पूरी क्षमता के साथ चल रहे हैं। स्कूल-कॉलेज भी खुल चुके हैं। चीन की राजधानी बीजिंग में मौजूदा हालात और इसकी वजहों पर यह ग्राउंड रिपोर्ट...

स्कूल: किंडरगार्टन से कॉलेज तक सब खुले
पूरे चीन में केजी से लेकर कॉलेज तक खुल चुके हैं। ये अच्छे से चल रहे हैं। सिर्फ विदेशी छात्र वाले उच्च शिक्षण संस्थान पूरी तरह नहीं खुले हैं।

दफ्तर: कर्मचारियों के सैनिटाइजेशन के लिए यूवी गेट
दफ्तरों में कर्मचारियों के सैनिटाइजेशन के लिए यूवी किरणों वाले गेट लगाए गए हैं। तबीयत बिगड़ने पर कर्मियों को तुरंत छुट्‌टी दी जा रही है।

बाजार: पहले 35 तो अब 85% लोग पहनते हैं मास्क
बीजिंग के थोक बाजार दो महीने बंद रहने के बाद फिर पूरी तरह खुल चुके हैं। महामारी से पहले यहां 30-35% लोग मास्क पहनते थे। अब 80-85% लोग पहनते हैं। नकद लेन-देन लगभग खत्म है।

परिवहन : एंट्री के लिए कोरोना निगेटिव सर्टिफिकेट
सार्वजनिक परिवहन, अंतरराष्ट्रीय उड़ानें शुरू हो चुकी हैं। 36 यूरोपीय, 13 एशियाई देशों के यात्री आ सकते हैं, पर पांच दिन पहले तक जारी किया गया कोरोना निगेटिव सर्टिफिकेट अनिवार्य है।

बीजिंग : यहां आने से पहले अन्य शहर में क्वारैंटाइन
चीन के साथ फास्ट ट्रैक संधि करने वाले देशों के यात्रियों को 48 घंटे, अन्य को 14 दिन क्वारैंटाइन रहना होता है। बीजिंग आने से पहले अन्य 16 एयरपोर्ट्स में से किसी पर उतरना होता है। क्वारैंटाइन पूरा होने के बाद बीजिंग में आ सकते हैं।

उद्योग : पूरी क्षमता से हो रहा है उत्पादन
चीन में खुली फैक्ट्रियों में मजदूरों की कमी नहीं है। वैश्विक बाजार में मांग घटने से हर सेक्टर में अनलिस्टेड मजदूर बढ़े हैं। सरकार ने उद्योगों को पूरी क्षमता से उत्पादन करने और नए बाजार ढूंढने को कहा है। 2020-21 की पहली तिमाही में अर्थव्यवस्था में गिरावट आई थी। अब सुधार है।

जन स्थान : सिर्फ सिनेमा में 33% क्षमता की पाबंदी
पर्यटन स्थल और पार्क खुल चुके हैं। पर्यटकों की आवाजाही भी जारी है। सिर्फ सिनेमाहॉल 33% क्षमता पर खुल रहे हैं।

कैसे काबू : 2003 का सार्स वायरस का अनुभव काम आया

  • चीन के अधिकारियों का 2003 का सार्स वायरस से जुड़ा अनुभव सबसे ज्यादा कारगर रहा। कोविड-19 और सार्स का 75% जीनोम एक समान है।
  • चीन में सरकार का नियंत्रण सख्त है। यहां सरकार की लगाई पाबंदी तोड़ने का प्रश्न ही नहीं उठता। लोग पाबंदी का 100% पालन करते हैं।
  • टेस्टिंग किट्स से लेकर वेंटीलेटर जैसे स्वास्थ्य उपकरणों की सप्लाई पूरी दुनिया को चीन करता है। ऐसे में देश में स्वास्थ्य सुविधाओं की उपलब्धता पूरी है।


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पूरे चीन में केजी से लेकर कॉलेज तक खुल चुके हैं। ये सभी अच्छे से चल रहे हैं।


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डब्ल्यूएचओ ने कहा- 2021 के बीच तक सभी देशों में पहुंच सकेगी वैक्सीन, इस साल के अंत तक फेज-3 का ट्रायल पूरा होना मुश्किल; दुनिया में 2.67 करोड़ केस

दुनिया में कोरोनावायरस के अब तक 2 करोड़ 67 लाख 75 हजार 48 मामले सामने आ चुके हैं। इनमें 1 करोड़ 88 लाख 84 हजार 512 मरीज ठीक हो चुके हैं, जबकि 8 लाख 78 हजार 150 लोगों की मौत हो चुकी है। ये आंकड़े https://ift.tt/2VnYLis के मुताबिक हैं।
वर्ल्ड हेल्थ ऑर्गनाइजेशन (डब्ल्यूएचओ) ने कहा है कि 2021 के मध्य तक ही कोरोना वैक्सीन को दुनियाभर में पहुंचाया जा सकता है। डब्ल्यूएचओ की चीफ साइंटिस्ट डॉ. सौम्या स्वामिनाथन ने शुक्रवार को एक प्रेस ब्रीफिंग में इसकी जानकारी दी।
उन्होंने कहा कि 2021 की दूसरी या तीसरी तिमाही तक दुनियाभर के देशों में वैक्सीन पहुंच सकती है। यह टाइमलाइन इस आधार पर तय की गई है कि दुनियाभर में जिन वैक्सीन का फेज-3 का ट्रायल चल रहा है वह इस साल के अंत तक पूरा नहीं होता दिख रहा। ट्रायल पूरा होने के बाद ही वैक्सीन का बड़े पैमाने पर उत्पादन किया जा सकेगा।

इन 10 देशों में कोरोना का असर सबसे ज्यादा

देश

संक्रमितमौतेंठीक हुए
अमेरिका63,89,0551,92,11136,34,850
ब्राजील40,91,8011,25,58432,78,243
भारत40,20,23969,63531,04,512
रूस10,15,10517,6498,32,747
पेरू6,70,14529,4054,89,886
कोलंबिया6,50,06220,8884,98,221
साउथ अफ्रीका6,35,07814,6785,57,818
मैक्सिको6,16,89466,3294,30,287
स्पेन5,17,13329,418उपलब्ध नहीं
अर्जेंटीना4,61,8829,6233,31,621

ब्राजील: 51 हजार से ज्यादा नए मामले
ब्राजील के स्वास्थ्य मंत्रालय ने बताया कि यहां 24 घंटे में 51 हजार 194 मामले आए हैं और 907 लोगों की मौत हुई है। देश में अब तक 40 लाख से ज्यादा लोग संक्रमित हो चुके हैं। वहीं, 1.25 लाख से ज्यादा की जान जा चुकी है। संक्रमण के मामले में ब्राजील दुनिया में दूसरे नंबर पर है।

ब्राजील के ब्रासीलिया में पिछले बुधवार को एक समारोह के दौरान राष्ट्रपति जॉयर बोल्सोनारो कुछ इस तरह से नजर आए।

मैक्सिको: 24 घंटे में 522 की जान गई
मैक्सिको में बीते 24 घंटे में संक्रमण के 6196 नए मामले सामने आए हैं और 522 लोगों की जान गई है। देश में कुल 6 लाख 23 हजार 90 लोग संक्रमित हो चुके हैं और 66 हजार 851 लोगों की मौत हुई है। सरकार का मानना है कि संक्रमित लोगों की वास्तविक संख्या की अभी तक सामने आए मामलों से बहुत ज्यादा है।

मैक्सिको में म्यूजियम फिर से खोल दिए गए हैं। यहां मेक्सिको सिटी के डिएगो रिवेरा म्यूरल म्यूजियम में एक विजिटर को सैनिटाइज करता कर्मचारी।


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स्पेन में एक बार फिर से स्कूल खुलने वाले हैं। यहां रोंडा में एक टीचर का सैंपल लेते हेल्थवर्कर।


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ट्रम्प ने कहा- मैंने अमेरिका को जंग से बचाया; उत्तर कोरिया के मामले में जो हुआ वह इसका सबसे बड़ा उदाहरण

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने पेन्सिलवेनिया में एक भव्य रैली का आयोजन किया। यहां उन्होंने कहा- जब मैं डेमोक्रेट्स से रूस के बारे में बातें सुनता हूं, तो न्यूज बंद कर देता हूं। वे हमेशा कहते हैं कि ट्रम्प कट्टरपंथी है। वो हमें जंग की तरफ धकेल रहा है। सच्चाई ये है कि मैंने आपको जंग से बचाया। उत्तर कोरिया के मामले में क्या हुआ? मैंने किम जोंग उन से बातचीत की। यह सबसे बड़ा उदाहरण है।

ट्रम्प ने कहा कि अब मैं रूस के साथ हूं, तो आप ही बताइए ये अच्छी बात है या बुरी? मुझे लगता है कि यह अच्छी बात है। रैली में ट्रम्प ने बाइडेन के मास्क पहनने का मजाक उड़ाया। उन्होंने कहा कि मुझे लगता है, उन्हें दिमागी दिक्कत है।

पेन्सिलवेनिया में ट्रम्प को सुनने के लिए उनके समर्थक काफी संख्या में मौजूद रहे।

बाइडेन ने जेकब ब्लेक के परिवार से मुलाकात की

डेमोक्रेटिक पार्टी के राष्ट्रपति पद के उम्मीदवार जो बाइडेन शुक्रवार को पुलिस द्वारा मारे गए अश्वेत जैकब ब्लेक के परिजनों से मिलने पहुंचे। विस्कॉन्सिन की बाइडेन की यह पहली यात्रा थी। उन्होंने ग्रेस लुथरान चर्च में अश्वेत समुदाय के नेताओं से भी मुलाकात की।

विस्कॉन्सिन के ग्रेस लुथरान चर्च में अश्वेत समुदाय के लोगों से बात करते डेमोक्रेट कैंडिडेट जो बाइडेन।

हमारे पास देश का सदियों पुराना पाप धोने का मौका: बाइडेन

बाइडेन ने विस्कॉन्सिन रैली में कहा- हम ऐसे मोड़ पर खड़े हैं, जहां हमारे पास इस देश के सदियों पुराने पाप धोने का मौका है। अमेरिका को 400 साल से चली आ रही गुलामी से मुक्त करना होगा। इस दौरान उनके प्रचार का अंदाज ट्रम्प के अंदाज से बिल्कुल उलट नजर आया। जहां बाइडेन एक घंटे तक जैकब के परिवार के साथ रहे। वहीं, ट्रम्प ने जैकब का जिक्र तक नहीं किया।

विस्कॉन्सिन में अश्वेत समुदाय से लोगों से चर्चा करते जो बाइडेन।

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1. 74 साल के ट्रम्प के सामने 77 साल के बाइडेन; ट्रम्प कहते हैं कि बाइडेन डिमेंशिया से पीड़ित हैं, लेकिन खुद के मिनी स्ट्रोक्स को लेकर सवालों के घेरे में

2. ट्रम्प का गैरकानूनी सुझाव: कहा- नॉर्थ कैरोलिना के लोग दो बार वोटिंग करें, एक बार बैलेट से और दूसरी बार पोलिंग स्टेशन जाकर; इससे सिस्टम की जांच हो जाएगी



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डोनाल्ड ट्रम्प ने शुक्रवार को पेन्सिलवेनिया के लेट्राबो शहर में चुनावी रैली की। इस दौरान उन्होंने एक बार फिर से डेमोेक्रेट कैंडिडेड बाइडेन की सेहत का मुद्दा उठाया।


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Thursday, 3 September 2020

चीन को सबसे अच्छा दोस्त बताने वाला पाकिस्तान ताइवान से सीक्रेट डील कर रहा, एक ट्वीट से हुआ खुलासा

चीन को अपना सदाबहार और सबसे करीबी दोस्त बताने वाला पाकिस्तान उसके दुश्मन ताइवान के साथ सीक्रेट ट्रेड डील कर रहा है। इसकी जानकारी खुद काहिरा में मौजूद पाकिस्तान एम्बेसी की एक अफसर ने दी। पाकिस्तान का यह कदम चीन को नाराज कर सकता है। चीन और ताइवान के बीच हमेशा तनावपूर्ण संबंध रहे हैं।

दक्षिण चीन सागर में ताइवान और चीन की सेनाएं पिछले महीने मिलिट्री ड्रिल कर चुकी हैं। अमेरिका भी कहा चुका है कि अगर ताइवान पर कोई हमला होता है तो वो ताइवान का साथ देगा।

ताइवान से रिश्ते सुधारने की कोशिश में पाकिस्तान
काहिरा में पाकिस्तान एम्बेसी है। यहां इन्वेस्ट अटैची (डिप्लोमैट या अफसर) के तौर पर सिद्र हक तैनात हैं। बुधवार को ताइवान ट्रेड सेंटर में ट्रेड एंड इन्वेस्टमेंट पर एक प्रोग्राम था। इसमें सिद्र हक भी शामिल हुईं। इसी कार्यक्रम में ताइवान के ट्रेड डायरेक्टर माइकल येह भी मौजूद थे। सिद्र और माइकल के बीच बातचीत हुई। इसमें पाकिस्तान और ताइवान के कारोबारी रिश्ते मजबूत बनाने पर फोकस रहा।

फोटो भी सामने आई
ताइवान के ट्रेड डायरेक्टर से मुलाकात का फोटो हक ने अपने ऑफिशियल ट्विटर हैंडल पर भी शेयर किया। हालांकि, कुछ ही देर बाद इसे डिलीट भी कर दिया। लेकिन, तब तक इसके स्क्रीनशॉट सोशल मीडिया पर वायरल हो चुके थे। ट्वीट में हक ने कहा था- मैंने ताइवान के सीनियर कमर्शियल ट्रेड ऑफिसर माइकल येह से मुलाकात की। ट्रेड सेक्टर के दूसरे लोगों से मिलना हमेशा अच्छा महसूस कराता है।

चीन ताइवान को हमेशा अपना हिस्सा बताता रहा है। जबकि ताइवान एक स्वतंत्र देश है और वहां लोकतांत्रिक सरकार है। चीन ताइवान को मान्यता नहीं देता जबकि एक देश के तौर पर ताइवान के दुनियाभर में कारोबारी रिश्ते हैं। चीन ने कभी ताइवान को डब्ल्यूएचओ का हिस्सा नहीं बनने दिया।



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काहिरा में पाकिस्तान एम्बेसी की ट्रेड आफिसर सिद्र हक (बीच में) ने बुधवार को यह ट्वीट किया था। चीन की नाराजगी की वजह से कुछ ही देर में इसे डिलीट भी कर दिया। हालांकि, तब तक सोशल मीडिया पर यह वायरल हो चुका था।


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जर्मनी में एक फ्लैट में पांच बच्चों के शव मिले; मां ने खुदकुशी की कोशिश की, हालत गंभीर

जर्मनी में गुरुवार को एक अपार्टमेंट में पांच बच्चों के शव मिले। सभी की हत्या का शक इन बच्चों की मां पर है। उसने ट्रेन के आगे कूदकर खुदकुशी की कोशिश की, लेकिन बच गई। उसका अस्पताल में इलाज चल रहा है। घटना सोलिजिन शहर की है।

घटना सामने आने के बाद लोग बच्चों को सोशल मीडिया के जरिए श्रद्धांजलि अर्पित कर रहे हैं। पुलिस मामले की जांच कर रही है। उसने यह बताने से इनकार कर दिया कि बच्चों को किस तरह से मारा गया।

पांच बच्चों के शव मिले
पुलिस प्रवक्ता स्टीफन वेइन्ड ने कहा- जिन पांच बच्चों के शव अपार्टमेंट से बरामद किए गए हैं, उनमें तीन लड़कियां और दो लड़के हैं। लड़कियों की उम्र 1,2 और 3 साल है। दो लड़कों की उम्र 6 और 8 साल है। परिवार में एक लड़का और है। इसकी उम्र 11 साल है। वो घटना में बच गया। फिलहाल, उसे रिश्तेदारों को सौंप दिया गया है। सभी बच्चों के शव अपनी नानी के घर मिले। महिला इन बच्चों को कुछ दिन पहले यहां लेकर आई थी।

27 साल की है महिला
बीबीसी से बातचीत में एक पुलिस अफसर ने कहा- हमें पूरा शक है कि इन बच्चों की हत्या उनकी मां ने ही की है। 27 साल की इस महिला ने बच्चों की हत्या के बाद ट्रेन के आगे कूदकर जान देने की कोशिश की। उसे बचा लिया गया है। हालांकि, वो गंभीर रूप से घायल है। उसको अस्पताल में भर्ती कराया गया है।

हत्या की वजह साफ नहीं
पुलिस के मुताबिक, अब तक की जांच में बच्चों की हत्या की वजह साफ नहीं हो पाई है। घटना की जानकारी मिलने के बाद पुलिस के साथ यहां के मेयर भी उस अपार्टमेंट में पहुंचे। उन्होंने कहा- यह हैरान कर देने वाली घटना है। पुलिस यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि किस वजह से इन बच्चों की हत्या की गई। इस घटना से पूरा शहर दुखी है।



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जर्मनी के सोलिजिन शहर के इसी अपार्टमेंट में गुरुवार शाम पांच बच्चों के शव बरामद किए गए। इनकी हत्या का शक मां पर है। उसने भी खुदकुशी की कोशिश की।


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आसिम बाजवा का इमरान के स्पेशल एडवाइजर पद से इस्तीफा, सीपैक चेयरमैन बने रहेंगे; बाजवा पर लाखों डॉलर की प्रॉपर्टी रखने का आरोप

लाखों डॉलर की अघोषित संपत्ति का खुलासा होने के बाद विवादों से घिरे इमरान खान के स्पेशल एडवाइजर लेफ्टिनेंट जनरल (रिटायर्ड) आसिम सलीम बाजवा ने इस्तीफा दे दिया। खास बात ये है कि बाजवा ने सिर्फ प्रधानमंत्री इमरान के सूचना सलाहकार पद से इस्तीफा दिया है। उन्होंने चाइना पाकिस्तान इकोनॉमिक कॉरिडोर (सीपैक) के चेयरमैन का पद नहीं छोड़ा है। इसको लेकर ही वो विवादों में हैं और विपक्ष उनको हटाने की मांग कर रहा है।

पिछले दिनों एक मीडिया रिपोर्ट में सबूतों के साथ यह दावा किया गया था कि बाजवा और उनके परिवार के पास देश-विदेश में कई कंपनियां और लाखों डॉलर की प्रॉपर्टीज हैं।

विपक्ष की मांग
विपक्ष बाजवा का इस्तीफा सीपैक चेयरमैन पद से मांग कर रहा था। इमरान से उन्हें बर्खास्त करने की मांग भी हो रही है। लेकिन, बाजवा ने इमरान के सूचना सलाहकार के पद से इस्तीफा दिया, सीपैक चेयरमैन पद से नहीं। रूल्स के मुताबिक, सीपैक चेयरमैन का पद एडमिनिस्ट्रेटिव पोस्ट है और इस पर सिर्फ सिविलियन अफसर ही तैनात हो सकता है। किसी सैन्य अफसर की नियुक्ति नहीं की जा सकती। लेकिन, इमरान सरकार ने नियमों को खारिज कर दिया।

टीवी इंटरव्यू में इस्तीफे की जानकारी दी
बाजवा ने गुरुवार रात पाकिस्तान के एक टीवी चैनल को दिए इंटरव्यू में कहा- मैं प्रधानमंत्री के स्पेशल एडवाइजर पद से रिजाइन कर रहा हूं। मेरे ऊपर लगाए गए आरोप बेबुनियाद हैं और इनके जरिए मेरी छवि खराब करने की कोशिश की जा रही है। मैंने और मेरे परिवार ने कुछ गलत नहीं किया।

कौन हैं बाजवा और क्या हैं आरोप?
असीम सलीम बाजवा पाकिस्तानी सेना के प्रवक्ता रहे। प्रधानमंत्री इमरान खान से नजदीकियों के चलते उन्हें सीपैक का चेयरमैन बनाया गया। हालांकि, यह एडमिनिस्ट्रेटिव पोस्ट है और इसीलिए फौज के आदमी को इस पद पर बिठाने का विरोध भी हुआ।

बाजवा पर आरोप है कि उनकी और उनके परिवार की अमेरिका समेत 4 देशों में प्रॉपर्टीज हैं। उनकी पत्नी और भाइयों की करीब 99 कंपनियां हैं। बाजवा के बेटे ने 5 साल पहले एक अमेरिकी कंपनी ज्वॉइन की। इसके बाद कुछ कंपनियां बनाईं। कुल मिलाकर बाजवा के पास लाखों डॉलर की संपत्ति बताई जाती है। विपक्ष अब सरकार से बाजवा के खिलाफ जांच और हटाने का दबाव बना रहा है।



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जून में इस्लामाबाद में एक कार्यक्रम के दौरान भाषण देते आसिम सलीम बाजवा। बाजवा और उनके परिवार पर देश-विदेश में लाखों डॉलर की अघोषित संपत्ति और कंपनियां रखने का आरोप है। वे वर्तमान सेना प्रमुख के कमर जावेद बाजवा के रिश्तेदार भी बताए जाते हैं।


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ब्राजील में संक्रमितों का आंकड़ा 40 लाख के पार, अमेरिका ने अक्टूबर तक वैक्सीन लाने की तैयारी की; दुनिया में अब तक 2.64 करोड़ केस

दुनिया में कोरोनावायरस के अब तक 2 करोड़ 64 लाख 58 हजार 155 मामले सामने आ चुके हैं। इनमें 1 करोड़ 86 लाख 51 हजार 057 मरीज ठीक हो चुके हैं, जबकि 8 लाख 72 हजार 507 लोगों की मौत हो चुकी है। ये आंकड़े https://ift.tt/2VnYLis के मुताबिक हैं। ब्राजील में संक्रमितों का आंकड़ा अब 40 लाख से ज्यादा हो चुका है। हैल्थ मिनिस्ट्री ने भी इसकी पुष्टि की है। दूसरी तरफ, अमेरिका ने अक्टूबर में वैक्सीन लाने की तैयारी की है। इसके लिए राज्यों को प्लान तैयार करने के आदेश जारी किए गए हैं।

ब्राजील: हर दिन बढ़ता संक्रमितों का आंकड़ा
ब्राजील अमेरिका के बाद सबसे ज्यादा संक्रमण प्रभावित देश है। यहां मरीजों का आंकड़ा गुरुवार रात 40 लाख के पार हो गया। 24 घंटे के दौरान यहां कुल 43 हजार 773 नए मामले सामने आए। इसके साथ ही 834 लोगों की मौत भी हो गई। सरकार ने कहा है कि हैल्थ मिनिस्ट्री संक्रमण रोकने की पूरी कोशिश कर रही है। हैल्थ मिनिस्ट्री ने अपने बयान में माना कि स्लम एरिया में किए गए उपाय बहुत कारगर साबित नहीं हुए हैं। इनकी वजह से संक्रमितों का आंकड़ा बढ़ रहा है।

फ्रांस: यहां संक्रमण का दूसरा दौर
फ्रांस यूरोपीय देशों में सबसे ज्यादा दूसरी लहर से परेशान है। यहां गुरुवार को लगातार दूसरे दिन 7 हजार से ज्यादा मामले सामने आए। हैल्थ मिनिस्ट्री के सूत्रों ने कहा- हमारा फोकस अब उन क्लस्टर्स पर है, जहां पहले और दूसरे दौर में सबसे ज्यादा संक्रमित पाए गए हैं। इन इलाकों की पहचान की जा रही है। सरकार इन इलाकों में आवाजाही पर कुछ प्रतिबंध लगा सकती है। हालांकि, फ्रांस में कई जगह लोग सरकार के प्रतिबंधों का विरोध कर रहे हैं। लोगों का कहना है कि लॉकडाउन से संक्रमण रोकने में मदद नहीं मिली।

पैटिन्सन पॉजिटिव
हॉलीवुड अभिनेता रॉबर्ट पैटिन्सन भी कोरोना पॉजिटिव हो गए हैं। इसके पहले द रॉक के नाम से मशहूर ड्वेन पॉजिटिव हुए थे। कल उन्होंने खुद इसकी जानकारी दी थी। रॉबर्ट के पॉजिटिव होने की वजह से फिलहाल, बैटमैन का प्रोडक्शन रोक दिया गया है। मीडिया रिपोर्ट्स में कहा गया है कि अभिनेता को काफी थकान और शरीर में दर्द महसूस हो रहा था। इसके बाद उनका टेस्ट किया गया। इसकी रिपोर्ट गुरुवार रात पॉजिटिव आई।

हॉलीवुड अभिनेता रॉबर्ट पैटिन्सन भी कोरोना पॉजिटिव हो गए हैं। उनके मैनेजर के मुताबिक, फिलहाल रॉबर्ट की सेहत ठीक है। (फाइल)

अमेरिका : वैक्सीन की तैयारी
अमेरिकी नागरिकों के लिए खुशखबरी है। यहां हैल्थ मिनिस्ट्री ने अक्टूबर में वैक्सीन लॉन्च करने की तैयारी कर ली है। संघीय अधिकारियों की तरफ से एक आदेश जारी किया गया है। इसमें राज्यों से कहा गया है कि वे अपने यहां वैक्सीनेशन की तैयारियां पूरी कर लें। आदेश के मुताबिक, सबसे पहले वैक्सीन उन लोगों को लगाया जाएगा जिनको कोरोना संक्रमित होने का ज्यादा खतरा है। इसके बाद यह दूसरे लोगों को उपलब्ध कराया जाएगा।

ब्रुकलिन के एक अस्पताल के बाहर मौजूद हैल्थ वर्कर्स। अमेरिका ने अक्टूबर में वैक्सीन लाने की तैयारी कर ली है। इसके लिए राज्यों को आदेश भी जारी किए गए हैं। (फाइल)

मैक्सिको : सबसे ज्यादा हेल्थ वर्करों की मौत
मैक्सिको में संक्रमण बढ़ता जा रहा है। सरकार ने पब्लिक ट्रांसपोर्ट शुरू कर दिया है। इसमें भी लोगों की थर्मल स्क्रीनिंग की जा रही है। इसके अलावा चेक प्वॉइंट बनाए गए हैं। एमनेस्टी इंटरनेशनल की एक रिपोर्ट ने मैक्सिको की चिंता बढ़ा दी। इसमें कहा गया है कि दुनिया में सबसे ज्यादा हैल्थ वर्कर्स की मौत मैक्सिको में हुई। इसके मुताबिक अब तक 1320 हैल्थ वर्कर्स संक्रमण की वजह से जान गंवा चुके हैं। अमेरिका में 1077 और ब्रिटेन में 649 हेल्थ वर्कर्स की मौत हो चुकी है।

मैक्सिको के एक हॉस्पिटल में मरीज की जांच करती हैल्थ वर्कर। मैक्सिको में अब तक सबसे ज्यादा हैल्थ वर्कर्स की मौत संक्रमण की वजह से हुई है। (फाइल)


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ब्राजील के साओ पाउलो में एक अस्पताल के बाहर मौजूद हेल्थ वर्कर। ब्राजील में संक्रमितों की संख्या गुरुवार रात 40 लाख से ज्यादा हो गई। हेल्थ मिनिस्ट्री ने माना है कि स्लम एरिया में संक्रमण पर काबू पाने में ज्यादा कामयाबी नहीं मिली।


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74 साल के ट्रम्प के सामने 77 साल के बाइडेन; ट्रम्प कहते हैं कि बाइडेन डिमेंशिया से पीड़ित हैं, लेकिन खुद के मिनी स्ट्रोक्स को लेकर सवालों के घेरे में

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प अपने जीवन के अधिकतर मौकों पर खुद को एक सुपरमैन के रूप में पेश करते रहे हैं। एक ऐसा व्यक्ति, जिसके पास अथाह ताकत है जो कम सोता है, शायद ही कभी बीमार पड़ता है और जवानी के दिनों में खेल के मैदान में भी शानदार था। एक बार उन्होंने अपने डॉक्टर के हवाले से कहा था कि वह राष्ट्रपति बनने वाले अब तक के सबसे स्वस्थ व्यक्ति हैं।

74 साल के ट्रम्प अब दूसरी बार मैदान पर हैं। उनका सामना 77 साल के जो बाइडेन से है। इनमें से जो भी चुना जाएगा, वह अभी तक का सबसे ज्यादा उम्र वाला राष्ट्रपति होगा। अमेरिका में राष्ट्रपति पद के चुनावों में उम्मीदवारों की सेहत के सवाल ने कभी-कभी महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। लेकिन, इस साल यह ज्यादा बड़ा मुद्दा बन रहा है।

ट्रम्प ने कहा है कि बाइडेन दवाओं पर चल रहे
राष्ट्रपति ट्रम्प लगातार कहते रहे हैं कि बाइडेन डिमेंशिया जैसी किसी बीमारी से जूझ रहे हैं। ट्रम्प ने पिछले हफ्ते बिना किसी सबूत के दावा किया था कि बाइडेन दवाओं पर चल रहे हैं। ट्रम्प ने चार साल पहले यही रणनीति डेमोक्रेटिक उम्मीदवार हिलेरी क्लिंटन के खिलाफ भी अपनाई थी।

मंगलवार रात को ट्रम्प ने फॉक्स न्यूज को दिए एक इंटरव्यू में कहा कि डिबेट से पहले उन्हें और बाइडेन को ड्रग टेस्ट कराना चाहिए। उन्होंने 2016 में क्लिंटन को भी यही चैलेंज दिया था। क्लिंटन की तरह बाइडेन ने भी ट्रम्प के इस चैलेंज को नकार दिया है।

ट्रम्प ने चुपचाप खुद का इलाज करवाया
हाल ही में ट्रम्प की मानसिक और शारीरिक स्थिति पर सवाल उठ रहे हैं। ऐसे में उनके लिए अपने विपक्षी जो बाइडेन की सेहत पर सवाल उठाना मुश्किल हो गया है। ट्रम्प ने इस हफ्ते एक क्रिटिक्स के ट्वीट पर जवाब देकर इस मुद्दे को फिर से गरमा दिया है। कहा जाता है कि ट्रम्प को हल्के दौरे (मिनी स्ट्रोक्स) पड़ते हैं।

वह पिछले साल नवंबर में चुपचाप मैरीलैंड के वाल्टर रीड नेशनल मिलिट्री सेंटर के हॉस्पिटल में एडमिट रहे थे। ट्रम्प ने इस दावे को नकारा है। उन्होंने इस पर कभी सीधा जवाब नहीं दिया, इससे और सवाल उठे। ट्रम्प की यह ट्रिप हमेशा सवालों के घेरे में रहेगी।

जब पानी पीना तक मुश्किल पड़ गया
हास्पिटल विजिट के कुछ महीनों बाद ट्रम्प वेस्ट प्वाइंट में मिलिट्री एकेडमी के समारोह में हिस्सा लेने पहुंचे। इस दौरान वह पानी का गिलास तक सही से नहीं पकड़ पा रहे थे। पानी पीने के लिए उन्हें दोनों हाथों से गिलास पकड़ना पड़ा। साथ ही उन्हें डर था कि अगर वी सीढ़ियां चढ़े तो गिर सकते हैं, इसलिए उन्होंने रैंप का इस्तेमाल किया।

न्यूयॉर्क टाइम्स के रिपोर्टर माइकल एस श्मिट ने अपनी किताब 'डोनाल्ड ट्रम्प वर्सेस यूनाइटेड स्टेट्स' में लिखा है कि समारोह के दौरान माइक पोम्पियो को स्टैंडबाई पर रखा गया था ताकि अगर ट्रम्प को एनेस्थीसिया की जरूरत पड़े तो वह स्थिति संभाल लें।

खबर आई तो आगबबूला हुए ट्रम्प
माइकल एस श्मिट की किताब को पढ़ने के बाद पूर्व राष्ट्रपति बिल क्लिंटन के कार्यकाल के दौरान व्हाइट हाउस में प्रेस सेक्रेटरी रहे जो लॉकहर्ट ने ट्वीट किया, "क्या डोनाल्ड ट्रम्प को दौरे आते हैं, जिसको अमेरिकी जनता से छिपाया जा रहा है?" ट्रम्प ने अगली सुबह जब यह खबर देखी तो गुस्से से आगबबूला हो गए।

उन्होंने ट्वीट कर इन खबरों को नकारा। इसके साथ ही उन्होंने व्हाइट हाउस के फिजीशियन को अपना ट्वीट फॉलो करने और इस बात को कन्फर्म करने के लिए कहा कि वह ठीक हैं। इसके बाद ट्रम्प के कैंपेन ने बाइडेन की सेहत को मुद्दा बनाना शुरू किया। उन्होंने बाइडेन के बारे में कहा कि वह वास्तव में बीमार हैं।

ओवरवेट हैं ट्रम्प
पिछले हफ्ते ही न्यूयॉर्क टाइम्स के साथ एक इंटरव्यू में बिना पूछे ही वह अपनी सेहत की जानकारी देने लगे। उन्होंने कहा, "मैं अच्छा महसूस करता हूं। मुझे लगता है कि मैं चार साल पहले की तुलना में ज्यादा बेहतर महसूस करता हूं।"

पिछली बसंत मे ट्रम्प का वजन 244 पाउंड (करीब 110 किलो) था। वह ओवरवेट हैं। ट्रम्प चीजबर्गर को स्वस्थ भोजन के रूप में पसंद करते हैं। गोल्फ के अलावा वह किसी भी एक्सरसाइज से नफरत करते हैं, उनका मानना है कि इससे ऊर्जा खत्म होती है।

2018 में हुए कोरोनरी कैल्शियम सिटी स्कैन से पता चलता है कि उनमें 70 की उम्र में करीब सभी लोगों में होने वाली हृदय समस्या है। जिसे कोलेस्ट्राल को कम करते और बेहतर डाइट लेकर सही किया जा सकता है।

अमेरिका चुनाव से जुड़ी ये खबर भी पढ़ सकते हैं...

1. अमेरिका में राष्ट्रपति चुनाव:ट्रम्प का गैरकानूनी सुझाव: कहा- नॉर्थ कैरोलिना के लोग दो बार वोटिंग करें, एक बार बैलेट से और दूसरी बार पोलिंग स्टेशन जाकर; इससे सिस्टम की जांच हो जाएगी



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अमेरिका में राष्ट्रपति पद के चुनावों में उम्मीदवारों की सेहत के सवाल ने कभी-कभी महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। लेकिन, इस साल यह ज्यादा बड़ा मुद्दा बन रहा है।


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न हवा है न पानी, फिर भी चांद को लग रहा है जंग; पृथ्वी पर प्रचुरता में मिलने वाले खनिज हेमेटाइट के चिह्न चांद पर मिलने से वैज्ञानिक हैरान

चांद को जंग लग रहा है। अंतरिक्ष में हमारे सबसे करीबी पड़ोसी की सतह पर जंग के दाग दिख रहे हैं। यानी चांद की सतह पर ऑक्सीडाइज्ड आयरन (लोहे) के अंश हेमेटाइट नजर आए हैं। पृथ्वी पर यह प्रचुर मात्रा में पाया जाने वाला खनिज है। लेकिन चांद की सतह पर इस खनिज के चिह्न चौंकाने वाले हैं।

लोहे के ऑक्सीडेशन यानी जंग लगने के लिए हवा और पानी यानी नमी दोनों का होना जरूरी है। जबकि चांद पर हवा न के बराबर है और तरल अवस्था में पानी भी नहीं है। चांद पर वैज्ञानिकों को वॉटर आइस यानी बर्फ की मौजूदगी तो मिली है, लेकिन सिर्फ इससे सतह पर हेमेटाइट का बनना संभव नहीं है।

आश्चर्यजनक है कि पृथ्वी का यह उपग्रह लगातार सूर्य की सोलर विंड्स के थपेड़े झेलता है

‘साइंस एडवांसेस’ में प्रकाशित यूनिवर्सिटी ऑफ हवाई के शोध के मुताबिक चांद की सतह पर हेमेटाइट का पता भारतीय चंद्रयान-1 के ऑर्बिटर की ली हुई तस्वीरों में चला है। यूनिवर्सिटी ऑफ हवाई में प्लेनेटरी साइंस की विशेषज्ञ शुआई ली का कहना है कि चांद की सतह पर हेमेटाइट बनना इसलिए भी आश्चर्यजनक है कि पृथ्वी का यह उपग्रह लगातार सूर्य की सोलर विंड्स के थपेड़े झेलता है।

पृथ्वी के नजदीक वाले हिस्से में हेमेटाइट की मौजूदगी

इन सोलर विंड्स के साथ आने वाले हाइड्रोजन के परमाणु सतह पर इलेक्ट्रॉन छोड़ते रहते हैं, जबकि आयरन ऑक्सीडेशन सिर्फ इलेक्ट्रॉन कम होने पर ही हो सकता है। चांद पर हेमेटाइट की मौजूदगी उसी हिस्से में ज्यादा है, जो पृथ्वी के नजदीक है। इन सोलर विंड्स के साथ आने वाले हाइड्रोजन के परमाणु सतह पर इलेक्ट्रॉन छोड़ते रहते हैं, जबकि आयरन ऑक्सीडेशन सिर्फ इलेक्ट्रॉन कम होने पर ही हो सकता है। चांद पर हेमेटाइट की मौजूदगी उसी हिस्से में ज्यादा है, जो पृथ्वी के नजदीक है।

वैज्ञानिकों के मुताबिक बदलाव के ये कारण हो सकते हैं
चांद पर हेमेटाइट के चिह्न ज्यादातर वहीं मिले हैं जहां पहले बर्फ के भंडार थे। वैज्ञानिक मानते हैं कि उल्का टकराने से चांद की सतह के नीचे की बर्फ पिघली और सतह पर आ गई। सूक्ष्म पानी के कण वहां पैदा हुए।अध्ययन में यह साबित हो चुका है कि पृथ्वी के वायुमंडल की ऑक्सीजन, सोलर विंड्स के साथ चांद तक जाती है।

इससे चांद की सतह पर ऑक्सीजन के कण पहुंचने से ऑक्सीडेशन हो सकता है। जब पृथ्वी, सूर्य और चंद्रमा के बीच में आती है तो चांद तक सोलर विंड्स नहीं पहुंच पाती। ऐसे में हाइड्रोजन की बमबारी से भी चांद बचा रहता है। इसी समय आयरन ऑक्सीडेशन हो सकता है।



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चांद पर हेमेटाइट के चिह्न ज्यादातर वहीं मिले हैं जहां पहले बर्फ के भंडार थे।


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Wednesday, 2 September 2020

पाकिस्तान ने अमेरिकी ब्लॉगर सिंथिया रिची को 15 दिन में देश छोड़ने का आदेश दिया; रिची ने पूर्व प्रधानमंत्री और गृह मंत्री पर बदसलूकी के आरोप लगाए थे

पाकिस्तान सरकार ने अमेरिकन ब्लॉगर सिंथिया रिची को 15 दिन में देश छोड़ने के आदेश दे दिए। रिची ने जून में पूर्व गृह मंत्री रहमान मलिक पर रेप और पूर्व पीएम यूसुफ रजा गिलानी पर बदसलूकी के आरोप लगाए थे। हैरानी की बात ये है कि मंगलवार को ही रिची की वीजा बढ़ाने की याचिका पर इस्लामाबाद हाईकोर्ट में सुनवाई शुरू हुई थी। हाईकोर्ट ने निचली अदालत से मामले की सुनवाई जल्द करने को कहा था।

रिची 11 साल से पाकिस्तान में हैं। बेनजीर भुट्टो और उसके बाद की सरकारों में उनका काफी प्रभाव माना जाता है। 2011 से 2014 तक तो रिची पाकिस्तान के राष्ट्रपति भवन में ही रहती थीं।

दबाव में लिया फैसला
पाकिस्तान के गृह मंत्रालय ने कोर्ट में मामला होने के बावजूद बुधवार शाम एक आदेश जारी कर रिची को 15 दिन में देश छोड़ने का आदेश दिया। उनके वीजा एक्सटेंशन की मांग खारिज कर दी गई। 10 जुलाई को इस्लामाबाद हाईकोर्ट ने माना था कि रिची पर लगाए जा रहे आरोप राजनीति से प्रेरित नजर आते हैं। रिची के मामले में इमरान सरकार और विपक्षी पार्टी पीपीपी साथ नजर आए। दोनों के नेताओं ने उन्हें अमेरिका भेजने की मांग की।

होम सेक्रेटरी को ही नियमों की जानकारी नहीं
सोमवार को इस्लामाबाद हाईकोर्ट के चीफ जस्टिस अथहर मिन्ल्लाह ने रिची की याचिका पर सुनवाई के दौरान कहा था- हैरानी होती है कि वीजा नियमों को लेकर सरकार और अफसर सफाई पेश नहीं कर पाते। होम सेक्रेटरी को ही इस बारे में कोई जानकारी नहीं है। अगर सरकार को वीजा एक्सटेंशन में कोई दिक्कत तो इसकी वजह बतानी होगी। इसके बाद मामला निचली अदालत को सौंप दिया गया था।

रिची ने क्या कहा
पाकिस्तान छोड़ने का आदेश मिलने के बाद सिंथिया ने कहा- कोई यह बताए कि मैंने किस नियम को तोड़ा है। यह पूरी तरह दबाव में लिया गया फैसला है। मेरे पास वर्क वीजा है। मैं इस आदेश को कोर्ट में चैलेंज करूंगी।

क्यों चर्चा में रिची
जून में रिची ने ट्विटर पर एक बयान जारी किया। इससे पाकिस्तान की सियासत में भूचाल आ गया। रिची ने पूर्व गृह मंत्री रहमान मलिक पर रेप का आरोप लगाया। पूर्व प्रधानमंत्री यूसुफ रजा गिलानी पर बदसलूकी के आरोप लगाए। कुछ दूसरे नेताओं से उनके करीबी रिश्ते बताए जाते हैं। कुछ लोग उन्हें अमेरिकी खुफिया एजेंसी सीआईए का एजेंट बताते हैं। रिची का रुतबा इतना ज्यादा है कि वे आज भी पाकिस्तान के हर हिस्से और मंत्रालयों में बेरोकटोक जा सकती हैं।

गिलानी ने सिंथिया को नोटिस भेजकर 10 करोड़ का हर्जाना मांगा
शारीरिक प्रताड़ना के आरोपों के बाद पाकिस्तान के पूर्व प्रधानमंत्री यूसुफ रजा गिलानी ने 10 जून को सिंथिया को एक कानून नोटिस भेजा। उन्होंने 10 करोड़ रुपए हर्जाने और माफी की मांग की। पूर्व गृह मंत्री रहमान मलिक ने भी कानूनी नोटिस भेजने की बात कही है।

इमरान की सोशल मीडिया टीम में थीं सिंथिया
सिंथिया जून तक प्रधानमंत्री इमरान खान की सोशल मीडिया टीम में थीं। उन्हें वहां से हटाने का कोई औपचारिक आदेश कभी जारी नहीं किया गया। इमरान खान और रिची के संबंध 2009 से बताए जाते हैं। तब वे विदेशी मीडिया में इमरान के समर्थन में आर्टिकल भी लिखती थीं।

इस मामले से जुड़ी ये खबरें भी आप पढ़ सकते हैं...
1. अमेरिकी ब्लॉगर का पाकिस्तान के पूर्व गृह मंत्री पर रेप का आरोप, कहा- पूर्व प्रधानमंत्री गिलानी ने भी बदसलूकी की
2. कोर्ट ने पूर्व पीएम गिलानी पर शारीरिक प्रताड़ना का आरोप लगाने वाली सिंथिया पर मामला दर्ज करने का आदेश दिया



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पाकिस्तान के गृह मंत्रालय ने अमेरिकी ब्लॉगर सिंथिया रिची को देश छोड़ने का आदेश ऐसे वक्त दिया है जब उनकी वीजा बढ़ाने की याचिका पर इस्लामाबाद हाईकोर्ट में सुनवाई चल रही है। सिंथिया के मुताबिक, सरकार ने दबाव में फैसला लिया है। (फाइल)


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ऑस्ट्रेलिया के विक्टोरिया में मामले तेजी से बढ़े, इटली के पूर्व पीएम बर्लुस्कोनी पॉजिटिव; दुनिया में अब तक 2.61 करोड़ केस

दुनिया में कोरोनावायरस के अब तक 2 करोड़ 61 लाख 69 हजार 462 मामले सामने आ चुके हैं। इनमें 1 करोड़ 84 लाख 35 हजार 397 मरीज ठीक हो चुके हैं, जबकि 8 लाख 66 हजार 604 लोगों की मौत हो चुकी है। ये आंकड़े https://ift.tt/2VnYLis के मुताबिक हैं। ऑस्ट्रेलिया के विक्टोरिया और न्यू साउथ वेल्स में मामले तेजी से बढ़ते जा रहे हैं। अकेले विक्टोरिया में ही बुधवार को 15 लोगों की मौत हो गई। इटली के पूर्व प्रधानमंत्री सिल्वियो बर्लुस्कोनी भी संक्रमित हो गए हैं।

ऑस्ट्रेलिया: विक्टोरिया में मामले बढ़े
ऑस्ट्रेलिया के विक्टोरिया और न्यू साउथ वेल्स में संक्रमण की दूसरी लहर भारी साबित हो रही है। अकेले विक्टोरिया में ही बुधवार को 113 नए मामले सामने आए। इसी दौरान 15 लोगों की मौत हो गई। सरकार अब इस बात का पता लगाने के लिए सर्वे करा रही है क किन शहरों के कौन से हिस्से ऐसे हैं, जहां संक्रमण तेजी से फैला है। यहां सख्त इंतजाम किए जाएंगे। दूसरी तरफ, न्यू साउथ वेल्स में पब्लिक प्लेस पर मास्क न लगाने वालों पर जुर्माना लगाने पर विचार किया जा रहा है।

मैक्सिको: एक दिन में 4 हजार से ज्यादा मामले
मैक्सिको की हेल्थ मिनिस्ट्री ने बुधवार रात एक बयान में बताया कि देश में 24 घंटे के दौरान कुल 4921 मामले सामने आए। इसी दौरान 575 लोगों की मौत भी हो गई। मौतों का बढ़ता आंकड़ा सरकार के लिए फिर चिंता का कारण बन गया है। बीते हफ्ते इसमें कमी आई थी। मैक्सिको में अब तक 6 लाख से ज्यादा लोग संक्रमित हो चुके हैं। इसी दौरान 65 हजार 816 लोगों की मौत भी हो गई।

मैक्सिको में पिछले हफ्ते संक्रमितों की संख्या में गिरावट आई थी। अब ये फिर तेजी से बढ़ा है। यहां पब्लिक ट्रांसपोर्ट शुरू कर दिया गया है। इसमें भी यात्रियों की स्क्रीनिंग की जा रही है।

चीन : 11 नए मामले
चीन में एक बार फिर संक्रमण के मामले सामने आने लगे हैं। बुधवार को कुल 11 संक्रमित पाए गए। इसके पहले 8 लोग पॉजिटिव पाए गए थे। नेशनल हेल्थ कमीशन ने एक बयान में बताया कि सभी मरीज ऐसे हैं, जो दूसरे देशों से चीन आए हैं। बुधवार सुबह जारी बयान में कहा गया था कि 18 दिनों से कोई लोकल केस नहीं मिला। दूसरी तरफ चीन का हेल्थ डिपार्टमेंट आज वैक्सीन को लेकर नई जानकारी दे सकता है।

बुधवार को चीन की राजधानी बीजिंग में अपने घर के बाहर मौजूद बुजुर्ग। चीन में बुधवार को 11 नए केस सामने आए। सभी संक्रमित दूसरे देशों से चीन आए थे।

इटली : पूर्व प्रधानमंत्री संक्रमित
इटली के पूर्व प्रधानमंत्री सिल्वियो बर्लुस्कोनी भी कोरोना पॉजिटिव हो गए हैं। पूर्व पीएम ने खुद इसकी जानकारी दी। एक बयान जारी कर बर्लुस्कोनी ने कहा- मेरी टेस्ट रिपोर्ट पॉजिटिव आई है। इसके बाद मैंने खुद को आइसोलेट कर लिया है। काफी थकान महसूस हो रही है। बर्लुस्कोनी यहां की सबसे बड़ी मीडिया कंपनी के मालिक भी हैं। वे एसी मिलान के मालिक भी रह चुके हैं। उन्होंने कहा- मैं अपनी राजनीतिक गतिविधियां जारी रखूंगा। मीडिया के जरिए प्रचार भी करूंगा।

इटली के पूर्व प्रधानमंत्री सिल्वियो बर्लुस्कोनी भी संक्रमित पाए गए हैं। उन्होंने कहा- काफी थकान जरूर महसूस हो रही है, लेकिन मैं राजनीतिक गतिविधियां जारी रखूंगा। (फाइल)


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ऑस्ट्रेलिया के मेलबर्न में एक पार्क में हेल्थ कैंप लगाया गया। यहां रोज इस तरह के कैंप लगाए जा रहे हैं, ताकि लोगों को टेस्टिंग के लिए ज्यादा दूर नहीं जाना पड़े। विक्टोरिया राज्य में संक्रमण की दूसरी लहर देखी जा रही है। (फाइल)


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डोनाल्ड ट्रम्प बोले-डेमोक्रेट मेयर्स के शहरों में सबसे ज्यादा समस्याएं, हम हल करेंगे

अमेरिका में राष्ट्रपति के चुनाव से दो महीने पहले राष्ट्रपति और रिपब्लिकन के उम्मीदवार डोनाल्ड ट्रम्प ने डेमोक्रेटिक शासित बड़े शहरों के मेयरों को निशाना बनाया है। उन्होंने कहा है कि इन शहरों में ही सबसे ज्यादा समस्याएं हैं। हम इन्हें हल करेंगे।

ट्रम्प ने कहा, जनता इन शहरों में डेमोक्रेटिक पार्टी से सत्ता वापस ले। क्या जनता चाहेगी कि डेमोक्रेट्स देश चलाएं? करीब 80 प्रतिशत बड़े शहरों में डेमोक्रेटिक जबकि सिर्फ 20 प्रतिशत में रिपब्लिकन मेयर हैं। इन शहरों की आबादी 5 लाख से ज्यादा है।

बड़े शहरों में डेमोक्रेटिक पार्टी की निष्क्रियता के कारण समस्या बढ़ी

ट्रम्प और उनकी पार्टी की माने तो अमेरिका में गांव और छोटे शहरों में समस्याओं का अन्य कारण हो सकता है, लेकिन बड़े शहरों में डेमोक्रेटिक पार्टी की निष्क्रियता के कारण समस्याएं बढ़ी हैं। हालांकि मियामी, जैक्सनविले और फोर्ट वर्थ जैसे शहरों में रिपब्लिकन के मेयर हैं, लेकिन ट्रम्प ने कभी वहां की समस्याओं का जिक्र नहीं किया।

रिपब्लिकन नेता गांव की समस्याओं के लिए अधिकारियों को दोषी नहीं ठहराते

कई स्टडी में सामने आया है कि अपराध, टैक्स पॉलिसी, सोशल पॉलिसी जैसे मुद्दों पर दोनों दलों के मेयर का प्रभाव काफी कम रहा है। रिपब्लिकन नेता गांव की समस्याओं के लिए अधिकारियों को दोषी नहीं ठहराते। न ही डेमोक्रेटिक मेयरों को शहरी अपराध में एक चौथाई गिरावट का श्रेय देते हैं।

हालांकि, डेमोक्रेटिक मेयर वाले केनोशा में 23 अगस्त को एक अश्वेत को पुलिस की गोली लगी थी। उसके बाद शहर भर में हिंसा भड़क गई। जगह-जगह आगजनी की घटनाएं हुईं।



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ट्रम्प केनोशा शहर पहुंचे। यहां एक अश्वेत को पुलिस की गोली लगने के बाद हिंसा भड़की थी।


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डब्ल्यूएचओ ने कहा- यूरोप वैक्सीन के बिना कोरोना के साथ रह सकता है, तो अमेरिका बोला- आपके कार्यक्रम से नहीं जुड़ेंगे

कोरोना की वैक्सीन को लेकर दुनियाभर में नए विचार, विवाद और टकराव सामने आ रहे हैं। इस बीच डब्ल्यूएचओ के यूरोप के निदेशक हैन्स क्लूग ने कहा, ‘मुझे नहीं लगता कि यूरोप में राष्ट्रीय स्तर पर लॉकडाउन लगाने की जरूरत होगी। यूरोप वैक्सीन के बिना कोरोना के साथ रह सकता है। महामारी को हरा भी सकता है। उसे स्थानीय स्तर पर लॉकडाउन लगाने होंगे। हम ऐसा तभी कर पाएंगे, जब हम महामारी के साथ रहना सीख लेंगे।’

वहीं, संक्रमण से जूझ रहे सबसे ताकतवर देश अमेरिका ने कहा है कि वह कोरोना वैक्सीन खोजने की किसी भी अंतरराष्ट्रीय पहल में शामिल नहीं होगा, क्योंकि उसमें डब्ल्यूएचओ भी शामिल है। अमेरिका में अब तक 62.72 लाख से ज्यादा कोरोना के केस सामने आ चुके हैं। वहीं 1.85 लाख लोगों की मौत हो चुकी है।

अमेरिका डब्ल्यूएचओ के नेतृत्व में 172 देशों की पहल में शामिल नहीं होगा

व्हाइट हाउस के प्रवक्ता जड डीरे ने कहा, ‘अमेरिका डब्ल्यूएचओ के नेतृत्व में 172 देशों की पहल में शामिल नहीं होगा। महामारी को हराने के लिए अमेरिका अपने अंतरराष्ट्रीय सहयोगियों के साथ मिलकर काम करता रहेगा। लेकिन भ्रष्ट डब्ल्यूएचओ और चीन से प्रभावित संस्थाओं के दबाव में नहीं आएगा।’

सिंगापुर के प्रधानमंत्री ने माफी मांगी
उधर, सिंगापुर के प्रधानमंत्री ली सीन लूंग ने महामारी से निपटने में सरकार की गलतियों के लिए माफी मांगी है। यह गलती प्रवासी मजदूरों के मामले में हुई थी, जब 20-20 मजदूरों को एक ही रूम में रखा गया था। पीएम ने कहा कि सरकार को और जल्दी और आक्रामक तरीके से कार्रवाई करनी चाहिए थी। सिंगापुर में 56,901 केस सामने आ चुके हैं। जबकि 27 लोगों की जान जा चुकी है।

दक्षिण कोरिया के वित्त मंत्री हॉन्ग नैम-की ने कहा कि हम लोगों को कैश बांटेंगे।

द. कोरिया: वित्त मंत्री बोले- कोरोना काल में फिर लोगों को कैश बांटेंगे
दक्षिण कोरिया कोरोना काल में दूसरी बार लोगों ने कैश बांटेगा। दक्षिण कोरिया के वित्त मंत्री हॉन्ग नैम-की ने कहा, ‘सरकार को दूसरी बार कुछ परिवारों को कैश बांटना होगा, क्योंकि कोरोना के कारण लागू किए गए नियम अर्थव्यवस्था को नुकसान पहुंचा रहे हैं। सभी परिवारों को पैसा देने की जगह सिर्फ जरूरतमंदों को पैसा देना ज्यादा प्रभावी होगा।’

अब तक यहां 20,449 कोरोना के केस सामने आ चुके हैं। 326 लोगों की मौत हो चुकी है, जबकि 15256 लोग ठीक हो चुके हैं।



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जहां एक ओर कोरोना वैक्सीन का इंतजार पूरा विश्व कर रहा है। वहीं कोरोना पर डब्ल्यूएचओ और अमेरिका के बीच तनातनी बढ़ती जा रही है। (फाइल फोटो)


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Tuesday, 1 September 2020

भारत ने कहा- सोशल मीडिया पर झूठ फैला रहा है पाकिस्तान; फेसबुक ने पाकिस्तान के 103 पेज और 78 ग्रुप्स हटाए

पाकिस्तान से भारत के खिलाफ सोशल मीडिया पर झूठ फैलाया जा रहा है। भारत की छवि खराब करने के लिए प्रोपेगंडा चलाया जा रहा है। स्टेनफोर्ड इंटरनेट ऑब्जरवेट्री (एसआईओ) की रिपोर्ट से इसकी पुष्टि हुई है। यूएन में भारत के स्थायी प्रतिनिधि ने एक ट्वीट में इस रिपोर्ट को शेयर किया है। ट्वीट में कहा गया- पाकिस्तान से भारत की छवि खराब करने के लिए प्रोपेगंडा चलाया जा रहा है। गलत जानकारी और खबरें चलाई जा रही हैं।
फेसबुक ने भी पाकिस्तान से हो रही इन हरकतों पर सख्त रुख अपनाया। वहां के कई अकाउंट और ग्रुप्स के साथ पेज भी हटा दिए गए हैं।

भारत ने क्या कहा?
यूएन में भारत के परमानेंट मिशन के ट्विटर हैंडल पर कहा गया- भारत की छवि खराब करने के लिए प्रोपेगंडा चला जा रहा है। यहां फेक न्यूज और गलत जानकारियां हैं। एसआईओ की यह रिपोर्ट पढ़नी चाहिए कि किस तरह जानबूझकर ये गलत प्रचार किया जा रहा है। दुनिया के सामने सच्चाई आ चुकी है।

एसआईओ की रिपोर्ट में क्या?
एसआईओ ने एक रिपोर्ट जारी की है। इसमें बताया गया है कि पाकिस्तान से फेसबुक और इंस्टाग्राम पर किस तरह की गलत जानकारियां दी जा रही हैं। रिपोर्ट के मुताबिक- 31 अगस्त 2020 को फेसबुक ने पाकिस्तान से ऑपरेट हो रहे 103 पेज, 78 ग्रुप्स और 453 अकाउंट्स को सस्पेंड कर दिया। फेसबुक ने एसआईओ को 28 अगस्त को इस बारे में कुछ जानकारी दी थी। इसके बाद एसआईओ ने इसकी जांच की।

सच्चाई सामने आई
रिपोर्ट में बताया कि पाकिस्तान से कैसे भारत विरोधी नेटवर्क काम कर रहा है। भारत सरकार को बदनाम करने की साजिश की जा रही है। इतना ही नहीं, पाकिस्तानी सेना और सरकार का विरोध करने वाले लोगों को भी निशाना बनाया जाता है। कई पेज और ग्रुप्स ऐसे हैं जो आईएसआई, सेना और सत्तारूढ़ पार्टी पीटीआई की तारीफ करने के लिए ही क्रिएट किए गए हैं। अप्रैल 2019 में भी फेसबुक ने इस तरह के कई अकाउंट सस्पेंड किए थे। इनका संबंध आईएसआई से पाया गया था। पाकिस्तान के कुछ नेता भी इन ग्रुप्स से जुड़े हुए हैं।



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स्टेनफोर्ड इंटरनेट ऑब्जरवेट्री की रिपोर्ट में बताया गया है कि पाकिस्तान से फेसबुक और इंस्टाग्राम पर गलत जानकारियां दी जा रही हैं।- प्रतीकात्मक


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इटली के वैज्ञानिकों ने कहा- पॉजिटिव आने के एक महीने बाद ही दूसरा टेस्ट हो, वायरस दूर करने में इतना समय लगता है; दुनिया में 2.58 करोड़ केस

दुनिया में कोरोनावायरस के अब तक 2 करोड़ 58 लाख 89 हजार 824 मामले सामने आ चुके हैं। इनमें 1 करोड़ 81 लाख 72 हजार 671 मरीज ठीक हो चुके हैं, जबकि 8 लाख 60 हजार 270 लोगों की मौत हो चुकी है। अभी 68 लाख 56 हजार 883 मरीज ऐसे हैं, जिनका इलाज चल रहा है। ये आंकड़े https://ift.tt/2VnYLis के मुताबिक हैं।

इटली के वैज्ञानिकों ने कहा कि कोरोना संक्रमित मरीज को वायरस को दूर करने में कम से कम एक महीना लगता है। इसलिए पॉजिटिव आने के एक महीने बाद ही दोबारा टेस्ट कराना चाहिए। उन्होंने बताया कि पांच निगेटिव टेस्ट रिजल्ट में एक गलत होता है।

इटली के मोडेना एंड रेजियो एमिलिया यूनिवर्सिटी के डॉ. फ्रांसिस्को वेंतुरेली और उनके साथियों ने 1162 मरीजों पर अध्ययन किया है। इसमें कोरोना मरीजों की दूसरी बार टेस्टिंग 15 दिन बाद, तीसरी बार 14 दिन बाद और चौथी बार नौ दिन बाद की गई। इसमें पता चला कि पहले जिनकी रिपोर्ट निगेटिव आई वे फिर से पॉजिटिव पाए गए। औसतन पांच लोगों के निगेटिव टेस्ट में एक का रिजल्ट गलत था।
अध्ययन के मुताबिक 50 साल तक के लोगों को 35 दिन और 80 साल से ज्यादा की उम्र वालों को ठीक होने में 38 दिन लगते हैं।

इन 10 देशों में कोरोना का असर सबसे ज्यादा

देश

संक्रमितमौतेंठीक हुए
अमेरिका62,57,5481,88,90034,96,898
ब्राजील39,52,7901,22,68131,59,096
भारत37,66,10866,46028,98,087
रूस10,00,04817,2998,15,705
पेरू6,57,12928,0684,71,599
साउथ अफ्रीका6,28,25914,2635,49,993
कोलंबिया6,24,06920,0524,69,557
मैक्सिको5,99,56064,4144,16,738
स्पेन4,70,97329,152उपलब्ध नहीं
अर्जेंटीना4,28,2398,9193,08,376

कोलंबिया: लॉकडाउन खत्म
कोलंबिया में कोरोना के चलते लगे लॉकडाउन में ढील दी गई है। यहां अब हवाई यात्रा, इंटरसिटी ट्रांसपोर्ट और गैर-जरूरी कामों के लिए भी लोग निकल सकते हैं। देश में 24 घंटे में 8901 मामले आए और 389 लोगों की मौत हुई। यहां अभी तक 6.24 लाख से ज्यादा संक्रमित हो चुके हैं और 20 हजार से ज्यादा की जान चा चुकी है। कोलंबिया लैटिन अमेरिका में सबसे ज्यादा प्रभावित तीसरा देश है। इससे आगे सिर्फ ब्राजील और पेरू हैं।

कोलंबिया के शिया में एक रेस्टोरेंट में कस्टमर और वेटर फेस शील्ड और मास्क पहने नजर आए। देश में हाल ही में लॉकडाउन में ढील दी गई है।

नेपाल: कम्युनिटी ट्रांसमिशन शुरू
नेपाल के स्वास्थ्य मंत्रालय ने कहा है कि राजधानी काठमांडू समेत 12 जिलों मे कम्युनिटी ट्रांसमिशन शुरू हो गया है। इन 12 जिलों में 73% एक्टिव केस हैं। ये जिले मोरांग, सुनसरी, धनुसा, महोतरी, परसा, बारा, रौतहत, सरलही, काठमांडू, ललितपुर, चितव और रूपनदेहि हैं। ये सभी हॉटस्पाट बन चुके हैं। नेपाल में अब तक 40 हजार 529 लोग संक्रमित हो चुके हैं और 239 लोगों की मौत हो चुकी है।

लोगों को जागरूक करने के लिए काठमांडू में एक मेडिकल स्टोर के बाहर पुतले को पीपीई किट पहनाई गई।- फाइल फोटो

इजराइल: 1942 नए मामले आए
इजराइल में मंगलवार को कोरोना के 1942 नए मामले आए और 18 की जान गई। देश में अब तक 1 लाख 18 हजार 538 लोग संक्रमित हो चुके हैं और 957 लोगों की जान जा चुकी है। देश में गंभीर मरीजों की संख्या 414 बची है और 860 लोग अस्पतालों में भर्ती हैं।



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इटली के वेनिस शहर में एक वॉटर-बस में लोग प्रोटेक्टिव मास्क पहने नजर आए। कोरोना महामारी आने के बाद यहां पर दुनिया के पहले फिल्म फेस्टिवल की तैयारी चल रही है।


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