Friday, 4 September 2020

कंपनी प्रीमियम सेडान वेंटो और हैचबैक पोलो पर दे रही 1.09 लाख रुपए तक की छूट, चेक करें ऑफर की पूरी लिस्ट

जर्मन कंपनी फॉक्सवैगन प्रीमियम सेडान वेंटो और हैचबैक पोलो पर फेस्टिव सीजन डिस्काउंट लेकर आई है। इस डिस्काउंट के चलते इन कार पर 1.09 लाख रुपए तक की छूट मिल रही है। ऐसे में आपको इस कंपनी की कार पसंद हैं तब आपके सामने इन्हें खरीदने का ये बेहतर मौका हो सकता है। आइए देखते हैं किस इन कार पर कितना डिस्काउंट मिल रहा है...

फॉक्सवैगन वेंटो के वैरिएंट पर डिस्काउंट
VW वेंटो मिड स्पेक कम्फर्टलाइन (नॉन मेटैलिक) की कीमत आमतौर पर 9.99 लाख रुपए है। इस महीने जर्मन ब्रांड आपको ये कार 8.94 लाख रुपए में बेच रही है। यानी इस वैरिएंट पर ग्राहक को 1.05 लाख रुपए फायदा मिल रहा है। दूसरी तरफ, कपंनी टॉप-स्पेक वेंटो हाईलाइन प्लस एमटी को 1.09 लाख रुपए कम में बेच रही है, जिसकी एक्स-शोरूम कीमत 12.08 लाख रुपए है। अन्य वैरिएंट पर कोई ऑफिशियल छूट नहीं मिल रही है, वेंटो ऑटोमैटिक की कीमतों में हाल ही में संशोधन किया गया था।

वेंटो की डिस्काउंट के बाद एक्स-शोरूम कीमत

वैरिएंटकीमत
वेंटो 1.0 TSI ट्रेडलाइन (नॉन-मेटैलिक)8.94 लाख
वेंटो 1.0 TSI ट्रेडलाइन (मेटैलिक)9.05 लाख
वेंटो 1.0 TSI कम्फर्टलाइन प्लस9.99 लाख
वेंटो 1.0 TSI हाईलाइन9.99 लाख
वेंटो 1.0 TSI हाईलाइन प्लस MT12.08 लाख
वेंटो 1.0 TSI हाईलाइन प्लस AT12.99 लाख

फॉक्सवैगन पोलो के वैरिएंट पर डिस्काउंट
पोलो के तीन वैरिएंट पर कंपनी इस महीने तक ही डिस्काउंट दे रही है। इसमें एंट्री-लेवल पोलो ट्रेडलाइन (नॉन-मेटैलिक) में सबसे ज्यादा छूट मिल रही है। कंपनी इस पर 29 हजार रुपए का डिस्काउंट दे रही है, जिसके बाद इसकी कीमत 5.59 लाख रुपए रह जाती है। वैसे, इसकी कीमत 5.87 लाख रुपए है। इसके साथ, मिड-स्केप पोलो कम्फर्टलाइन (नॉन-मेटैलिक) को 23 हजार रुपए कम कीमत पर 6.59 लाख रुपए में खरीद सकते हैं। वहीं, टॉप-स्पेक पोलो हाईलाइन प्लस को अभी 7.89 लाख रुपए में खरीदा जा सकता है। इस पर 20 हजार का डिस्काउंट है।

पोलो की डिस्काउंट के बाद एक्स-शोरूम कीमत

वैरिएंटकीमत
पोलो 1.0 MPI ट्रेडलाइन (नॉन-मेटैलिक)5.88 लाख
पोलो 1.0 MPI ट्रेडलाइन (मेटैलिक)5.98 लाख
पोलो 1.0 MPI कम्फर्टलाइन प्लस (नॉन-मेटैलिक)6.82 लाख
पोलो 1.0 MPI कम्फर्टलाइन प्लस (मेटैलिक)6.92 लाख
पोलो 1.0 TSI हाईलाइन प्लस8.09 लाख
पोलो GT TSI AT9.67 लाख


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अमेरिकी मैगजीन का दावा- ट्रम्प ने जान गंवाने वाले सैनिकों को लूजर्स कहा; बाइडेन बोले- मेरा बेटा इराक में तैनात रहा, वो हारा नहीं था

अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प के लिए नई मुश्किल खड़ी हो गई है। अटलांटिक मैगजीन के मुताबिक- ट्रम्प ने युद्ध में मारे गए अमेरिकी सैनिकों को लूजर्स (हारने वाला) कहा है। ट्रम्प खुद को लंबे अरसे से आर्म्ड फोर्सेस का चैंपियन बताते रहे हैं। उन्होंने सेना को फिर मजबूत करने का दावा भी किया है। लेकिन, सैनिकों के लिए कथित तौर पर पराजित शब्द का इस्तेमाल करने के बाद अब उनको डेमोक्रेट्स और दूसरे विरोधियों का सामना करना पड़ रहा है।

बाइडेन ने कहा- करियर में कभी इतना निराश नहीं हुआ
डेमोक्रेटिक उम्मीदवार जो बाइडेन ने भी ट्रम्प की आलोचना की है। उन्होंने कहा- मेरा बेटा बीयू बाइडेन इराक में तैनात रहा। वह तो नहीं हारा था। 2015 में उसकी ब्रेन कैंसर से मौत हो गई थी। आप कैसा महसूस करते, अगर आपका बेटा इस वक्त अफगानिस्तान में होता। अगर आप बेटा, बेटी, पति या पत्नी खो दें तो कैसा लगेगा?" बाइडेन ने ट्रम्प के बयान को अपमानजनक, गैर अमेरिकी और घटिया बताया। कहा- मैं करियर में इतना निराश कभी नहीं हुआ।

ट्रम्प बोले- ये बयान कभी नहीं दिया, सैनिक असली हीरो
दूसरी तरफ, ट्रम्प डैमेज कंट्रोल की कोशिश कर रहे हैं। उनके मुताबिक, उन्होंने सैनिकों को लूजर वाला बयान कभी दिया ही नहीं। अमेरिकी राष्ट्रपति ने कहा, " यह फर्जी कहानी है। लोग इस तरह के आरोप कैसे लगा सकते हैं। मेरे लिए सैनिक रियल हीरो हैं।” हालांकि, इस दौरान उन्होंने एक पूर्व मिलिट्री ऑफिसर जॉन एफ कैली पर निशाना साधा। कैली व्हाइट हाउस में चीफ ऑफ स्टाफ रह चुके हैं। कैली पर ट्रम्प ने कहा, "वे काबिल नहीं थे। अच्छा काम भी नहीं किया। इसलिए मैंने उन्हें निकाल दिया।"

अटलांटिक मैगजीन ने क्या लिखा?
अटलांटिक मैगजीन की रिपोर्ट के मुताबिक- ट्रम्प 2018 में फ्रांस गए थे। इस दौरान उन्होंने वर्ल्ड वार-1 में मारे गए अमेरिकी सैनिकों के स्मारक पर जाने से इनकार कर दिया था। तब बारिश भी हो रही थी। मैगजीन का आरोप है कि तब ट्रम्प ने एक अफसर से कहा था- मुझे उस स्मारक पर क्यों जाना चाहिए? वहां तो लूजर्स (हारे हुए ये पराजित) हैं।" इस दौरान केवल चार लोग मौजूद थे। हालांकि, रिपोर्ट में उनके नाम नहीं बताए गए हैं।

सेना का 'स्टार एंड स्ट्राइप्स' अखबार बंद नहीं होगा
मिलिट्री टाइम्स के नए पोल के मुताबिक सैनिकों में बाइडेन (41%) की ट्रम्प (37%) पर बढ़त है। इसको देखते हुए राष्ट्रपति ट्रम्प ने तुरंत सेना के साथ चल रहे मुद्दों को निपटाने की कोशिश की है। उन्होंने घोषणा की है कि वह मिलिट्री के इंडिपेंडेंट न्यूजपेपर 'स्टार एंड स्ट्राइप्स ' की फंडिंग खत्म नहीं करेंगे। ट्रम्प ने कहा- यह अखबार सेना को जानकारी देता रहेगा। टैबलॉयड आकार का यह पेपर 1860 से चल रहा है। ट्रम्प की यह घोषणा इसलिए अहम हो जाती है क्योंकि अमेरिकी रक्षा विभाग पेंटागन ने अखबार को 30 सितंबर तक बंद करने का आदेश दिया था।

न्यूयॉर्क टाइम्स की ये खबरें भी पढ़ सकते हैं...
1. अमेरिका में राष्ट्रपति चुनाव:क्या हो अगर ट्रम्प बैलट वोटिंग से धोखाधड़ी का बहाना बनाकर राष्ट्रपति पद छोड़ने से मना कर दें? कितनी डरावनी होगी इलेक्शन वाली रात और आने वाले दिन
2. अमेरिका के राष्ट्रपति चुनाव में सेहत का मुद्दा:74 साल के ट्रम्प के सामने 77 साल के बाइडेन; ट्रम्प कहते हैं कि बाइडेन डिमेंशिया से पीड़ित हैं, लेकिन खुद के मिनी स्ट्रोक्स को लेकर सवालों के घेरे में



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डोनाल्ड ट्रम्प के मुताबिक, उन्होंने कभी सैनिकों को अपमानित करने वाला बयान नहीं दिया। विपक्ष उनके एक पुराने बयान को मुद्दा बना रहा है। यह बयान अटलांटिक मैगजीन ने पब्लिश किया था।


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कंपनी प्रीमियम सेडान वेंटो और हैचबैक पोलो पर दे रही 1.09 लाख रुपए तक की छूट, चेक करें ऑफर की पूरी लिस्ट

जर्मन कंपनी फॉक्सवैगन प्रीमियम सेडान वेंटो और हैचबैक पोलो पर फेस्टिव सीजन डिस्काउंट लेकर आई है। इस डिस्काउंट के चलते इन कार पर 1.09 लाख रुपए तक की छूट मिल रही है। ऐसे में आपको इस कंपनी की कार पसंद हैं तब आपके सामने इन्हें खरीदने का ये बेहतर मौका हो सकता है। आइए देखते हैं किस इन कार पर कितना डिस्काउंट मिल रहा है...

फॉक्सवैगन वेंटो के वैरिएंट पर डिस्काउंट
VW वेंटो मिड स्पेक कम्फर्टलाइन (नॉन मेटैलिक) की कीमत आमतौर पर 9.99 लाख रुपए है। इस महीने जर्मन ब्रांड आपको ये कार 8.94 लाख रुपए में बेच रही है। यानी इस वैरिएंट पर ग्राहक को 1.05 लाख रुपए फायदा मिल रहा है। दूसरी तरफ, कपंनी टॉप-स्पेक वेंटो हाईलाइन प्लस एमटी को 1.09 लाख रुपए कम में बेच रही है, जिसकी एक्स-शोरूम कीमत 12.08 लाख रुपए है। अन्य वैरिएंट पर कोई ऑफिशियल छूट नहीं मिल रही है, वेंटो ऑटोमैटिक की कीमतों में हाल ही में संशोधन किया गया था।

वेंटो की डिस्काउंट के बाद एक्स-शोरूम कीमत

वैरिएंटकीमत
वेंटो 1.0 TSI ट्रेडलाइन (नॉन-मेटैलिक)8.94 लाख
वेंटो 1.0 TSI ट्रेडलाइन (मेटैलिक)9.05 लाख
वेंटो 1.0 TSI कम्फर्टलाइन प्लस9.99 लाख
वेंटो 1.0 TSI हाईलाइन9.99 लाख
वेंटो 1.0 TSI हाईलाइन प्लस MT12.08 लाख
वेंटो 1.0 TSI हाईलाइन प्लस AT12.99 लाख

फॉक्सवैगन पोलो के वैरिएंट पर डिस्काउंट
पोलो के तीन वैरिएंट पर कंपनी इस महीने तक ही डिस्काउंट दे रही है। इसमें एंट्री-लेवल पोलो ट्रेडलाइन (नॉन-मेटैलिक) में सबसे ज्यादा छूट मिल रही है। कंपनी इस पर 29 हजार रुपए का डिस्काउंट दे रही है, जिसके बाद इसकी कीमत 5.59 लाख रुपए रह जाती है। वैसे, इसकी कीमत 5.87 लाख रुपए है। इसके साथ, मिड-स्केप पोलो कम्फर्टलाइन (नॉन-मेटैलिक) को 23 हजार रुपए कम कीमत पर 6.59 लाख रुपए में खरीद सकते हैं। वहीं, टॉप-स्पेक पोलो हाईलाइन प्लस को अभी 7.89 लाख रुपए में खरीदा जा सकता है। इस पर 20 हजार का डिस्काउंट है।

पोलो की डिस्काउंट के बाद एक्स-शोरूम कीमत

वैरिएंटकीमत
पोलो 1.0 MPI ट्रेडलाइन (नॉन-मेटैलिक)5.88 लाख
पोलो 1.0 MPI ट्रेडलाइन (मेटैलिक)5.98 लाख
पोलो 1.0 MPI कम्फर्टलाइन प्लस (नॉन-मेटैलिक)6.82 लाख
पोलो 1.0 MPI कम्फर्टलाइन प्लस (मेटैलिक)6.92 लाख
पोलो 1.0 TSI हाईलाइन प्लस8.09 लाख
पोलो GT TSI AT9.67 लाख


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गिरती अर्थव्यवस्था के बीच भारतीय कंपनियों ने रिकॉर्ड 2.27 लाख करोड़ रुपए की पूंजी जुटाई, फंड जुटाने में बैंक सबसे आगे

भारतीय कंपनियों ने गिरती अर्थव्यवस्था के बीच रिकॉर्ड 2.27 लाख करोड़ रुपए (3100 करोड़ डॉलर) की इक्विटी पूंजी जुटाई है। रिफिनिटिव की डेटा आधारित रिपोर्ट के मुताबिक बैंक भविष्य की आर्थिक अनिश्चितता को देखते हुए बैलेंस शीट को मजबूत कर तैयारी कर रहे हैं। फंड जुटाने में बैंक सबसे आगे हैं। साथ ही, कॉरपोरेट्स बाजार की बदली हुई परिस्थितियों को देखकर तैयारी कर रहे हैं। निवेश हासिल करने का यह रिकॉर्ड पहली तिमाही में जीडीपी ग्रोथ में -23.9% की भारी गिरावट के बावजूद बना है।

अर्थव्यवस्था में 40 साल में पहली बार इतनी बड़ी गिरावट आई है। सेक्टर वाइज बात करें तो बैंक व वित्तीय संस्थान 1368 करोड़ डॉलर जुटाकर इस फंड रेजिंग मुहिम में सबसे आगे हैं। इसके बाद ऊर्जा और बिजली क्षेत्र में 705 करोड़ डॉलर और उपभोक्ता उत्पाद 341 करोड़ डॉलर हैं। डेटा के मुताबिक, देश में सबसे ज्यादा जून में रिलायंस इंडस्ट्रीज ने 700 करोड़ डॉलर जुटाए। अब कंपनी का फोकस रिटेल बिजनेस के विस्तार पर है। रिपोर्ट कहती है कि भारतीय बाजारों और अच्छी कंपनियों में निवेश को लेकर विदेशी निवेशकों की रुचि बहुत मजबूत है।

इस साल अगस्त में सबसे ज्यादा विदेशी निवेश
भारतीय इक्विटी बाजार में अगस्त में भारी विदेशी निवेश हुआ है। रॉयटर्स की रिपोर्ट के मुताबिक, अगस्त में विदेशी निवेश 600 करोड़ डॉलर का आंकड़ा पार गया है। पिछले तीन महीने में विदेशी निवेश 1000 करोड़ डॉलर से ज्यादा का हुआ है। इस साल लॉकडाउन के बाद मार्च महीने में एफपीआई शुद्ध बिकवाल रहे। भारतीय इक्विटी मार्केट से उन्होंने 800 करोड़ डॉलर से ज्यादा की निकासी की। अप्रैल में भी निकासी जारी रही। हालात में सुधार की उम्मीद को देखते हुए भारतीय बाजारों में मई महीने से फिर से एफपीआई ने निवेश शुरू कर दिया।

निवेश के लिहाज से 2020 में रियल एस्टेट कंपनियां प्रमुख दावेदार होंगी
कॉर्पोरेट एडवाइजर्स के मुताबिक, 2020 में अब रियल एस्टेट कंपनियां निवेश के लिहाज से तगड़ी दावेदार होंगी। इसके पीछे वजह है कि कोरोना महामारी का मौजूदा संकट कम या खत्म होने के बाद प्रॉपर्टी को लेकर डिमांड में तेजी आनी तय है। सलाहकारों के मुताबिक अर्थव्यवस्था को फिर से पटरी पर लाने के लिए किए गए सरकारी प्रयासों की भूमिका रहेगी। आने वाले समय में ऐसे कदमों, प्रोत्साहन पैकेज आदि का स्पष्ट असर देखने को मिलेगा। एक्सपर्ट्स के मुताबिक बैंकों और वित्तीय संस्थानों की ओर से बड़े पैमाने पर जुटाई पूंजी से साफ है कि कंपनियों को कारोबार बढ़ाने को क्रेडिट या लोन देने की कोई समस्या नहीं होनी चाहिए।

भारतीय बाजारों में पैसा लगाने के लिए विदेशी निवेशकों की उत्सुकता ज्यादा
डेटा रिसर्च रिपोर्ट से यह पता चलता है कि भारतीय बाजारों और कंपनियों में पैसा लगाने के लिए विदेश निवेशकों में उत्सुकता सबसे ज्यादा है। अगस्त तक तीन महीनों में भारत से बाहर के निवेशकों की ओर से शेयर की खरीदारी में जबर्दस्त उछाल आया है। इस दौरान विदेशी निवेशकों ने करीब 75,190 करोड़ रुपए से ज्यादा के शेयर खरीद डाले गए हैं।



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अगस्त में विदेशी निवेश 600 करोड़ डॉलर का आंकड़ा पार गया है। पिछले तीन महीने में विदेशी निवेश 1000 करोड़ डॉलर से ज्यादा का हुआ है। -फाइल फोटो


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बीपीसीएल के प्राइवेटाइजेशन के बाद भी मिलती रहेगी गैस सब्सिडी, सरकार बोली- नहीं बदलेगी मौजूदा व्यवस्था

सरकारी तेल कंपनी भारत पेट्रोलियम कॉरपोरेशन लिमिटेड (बीपीसीएल) के ग्राहकों को केंद्र सरकार ने बड़ी राहत दी है। सरकार ने कहा है कि बीपीसीएल के प्राइवेटाइजेशन के बाद भी ग्राहकों को कुकिंग गैस सब्सिडी मिलती रहेगी। सरकार ने कंपनी के संभावित निवेशकों को स्पष्ट किया है कि मैनेजमेंट में बदलाव के बाद भी मौजूदा सिस्टम में कोई बदलाव नहीं होगा।

निवेशकों ने उठाया था सब्सिडी का मुद्दा

सूत्रों के मुताबिक, बीपीसीएल के संभावित निवेशकों ने कुकिंग गैस सब्सिडी का मुद्दा सरकार के सामने उठाया था। निवेशकों ने कहा था कि क्या कंपनी में सरकारी हिस्सेदारी की बिक्री के बाद नया मैनेजमेंट सब्सिडी की राशि वहन करेगा? सरकार ने स्पष्ट करते हुए कहा कि मौजूदा समय में कंपनी सब्सिडी की राशि का भुगतान करती है और बाद में सरकार इस राशि को रिम्बर्सड करती है। प्राइवेटाइजेशन का बाद भी यह सिस्टम लागू रहेगा।

निविदा के मापदंडों को बदलने की जरूरत

बीपीसीएल के एक संभावित खरीदार का कहना है कि सरकार बीपीसीएल के करीब 8 करोड़ कुकिंग गैस उपभोक्ताओं की स्थिति को बदलना चाहती है। उपभोक्ताओं को प्राइवेटाइजेशन के बाद भी सब्सिडी मिलती रहेगी। लेकिन सब्सिडी का भुगतान पहले कंपनी को ही करना होगा। ऐसे में सरकार को बीपीसीएल की निविदा मापदंडों को बदलने की जरूरत है।

निजी कंपनियों के लिए भी खुलेगी राह

सरकारी कंपनियों के अलावा रिलायंस, नायरा एनर्जी जैसी निजी कंपनियां भी कुकिंग गैस की बिक्री करती हैं। लेकिन इन कंपनियों के ग्राहकों को कोई सब्सिडी नहीं मिलती है और उन्हें बाजार भाव पर कुकिंग गैस खरीदनी पड़ती है। जानकारों का कहना है कि जब सरकार प्राइवेटाइजेशन के बाद बीपीसीएल के ग्राहकों को सब्सिडी देती रहेगी तो फिर रिलायंस और नायरा जैसी प्राइवेट कंपनियों के ग्राहकों को भी सब्सिडी का लाभ मिलना चाहिए।

चालू वित्त वर्ष में 6 फीसदी बढ़ी पेट्रोलियम सब्सिडी

केंद्र सरकार ने चालू वित्त वर्ष में पेट्रोलियम सब्सिडी के लिए 40,915 करोड़ रुपए के बजट का आवंटन किया है। यह पिछले वित्त वर्ष के 38,569 करोड़ रुपए से 6 फीसदी ज्यादा है। इस राशि में से एलपीजी सब्सिडी के लिए 37,256.21 करोड़ रुपए आवंटित किए गए हैं। लेकिन पहली तिमाही में अब तक सरकार ने सब्सिडी के लिए आवंटित राशि में से 1900 करोड़ रुपए वापस ले लिए हैं।



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केंद्र सरकार ने चालू वित्त वर्ष में पेट्रोलियम सब्सिडी के लिए 40,915 करोड़ रुपए के बजट का आवंटन किया है।


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अभिनेता के फैमिली वकील ने कहा- 'यह तो बस शुरुआत है', मुंबई पुलिस को लेकर कहा- अंदाजा लगाइए वह सबसे क्या छुपा रही है

सुशांत सिंह राजपूत डेथ केस में शुक्रवार को नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो (एनसीबी) ने बड़ी कार्रवाई करते हुए रिया चक्रवर्ती के भाई शोविक और सुशांत के हाउस मैनेजर सैमुअल मिरांडा को गिरफ्तार कर लिया है। इसे लेकर दिवंगत अभिनेता के परिवार का कहना है कि यह तो बस शुरुआत है। शोविक की गिरफ्तारी के बाद एक एंटरटेनमेंट चैनल से बातचीत में सुशांत के पिता के वकील विकास सिंह ने मुंबई पुलिस पर निशाना साधा।

मुंबई पुलिस क्या छुपा रही?

जूम टीवी से बातचीत में रिएक्शन देते हुए विकास ने कहा, "मैं बस इतना कह सकता हूं कि यह तो बस शुरुआत है। अंदाजा लगाइए कि मुंबई पुलिस सबसे क्या छुपा रही है।" कुछ दिनों पहले रिया चक्रवर्ती के वकील सतीश मानशिंदे ने दावा किया था कि ड्रग्स की खरीद-फरोख्त करना जमानती अपराध है। जब इस पर विकास सिंह का रिएक्शन मांगा गया तो उन्होंने कहा, "नारकोटिक्स चार्जेस जमानती अपराध है? तब तो मैं भी नहीं जानता कि क्या कहना चाहिए।"

सुशांत के जीजा ने जताई खुशी

सुशांत के जीजा विशाल सिंह कीर्ति ने शोविक चक्रवर्ती और सैमुअल मिरांडा की गिरफ्तारी पर खुशी जाहिर की है। उन्होंने अपने ब्लॉग में लिखा है, "कुछ लोगों को लगता है कि ड्रग्स केस खुदकुशी के मामले से अलग है। लेकिन मैं अलग तरह से सोचता हूं। मुझे पूरा यकीन है कि सीबीआई की जांच के साथ जुड़े ड्रग्स एंगल से कई सवालों के जवाब सामने आएंगे। इन गिरफ्तारियों से बहुत खुश हूं। उम्मीद है कि इनसे कुछ और राज खुलेंगे, जो हम सब जानना चाहते हैं।"

बहन ने लिखा- भगवान का शुक्र है

शोविक की गिरफ्तारी पर सुशांत की बहन श्वेता सिंह कीर्ति ने भी खुशी जाहिर की है। उन्होंने ट्विटर पर लिखा, "बहुत अच्छा कर रहा है एनसीबी...भगवान का शुक्र है। हम सभी का सच की दिशा में ऐसे ही मार्गदर्शन करते रहें।"

शोविक-मिरांडा पर ड्रग्स खरीदने का आरोप

एनसीबी के डिप्टी डायरेक्टर केपीएस मल्होत्रा ने बताया कि शोविक और मिरांडा पर इंडियन और फॉरेन करेंसी से ड्रग्स खरीदने का आरोप है। टेक्निकल एविडेंस के बाद दोनों को अरेस्ट किया गया है। जो सबूत मिले उन्हें शोविक और मिरांडा नकार नहीं सके। दोनों को ऑफेंसेज ऑफ ड्रग्स कंजम्पशन, अरेंजिंग प्रोक्योरिंग ड्रग जैसे एनडीपीएस के सेक्शन 20बी, 28 और 29 के तहत अरेस्ट किया गया है। इसके बाद 27ए सेक्शन भी इसमें शामिल हैं।

ड्रग्स पैडलर से शोविक के संपर्क के मिले सबूत

ड्रग्स मामले में गिरफ्तार हुए पैडलर कैजान, बासित परिहार और जैद से शोविक का सीधा संपर्क था। शोविक और बासित की मुलाकात फुटबॉल क्लब में हुई थी। बासित ने शोविक की मुलाकात सोहेल से करवाई थी, जो उन्हें ड्रग्स सप्लाई किया करता था। एनसीबी ने मुंबई की एक अदालत को बताया कि राजपूत की मौत के मामले में ड्रग्स कनेक्शन में गिरफ्तार किए गए बासित ने कहा है कि वह शोविक के कहने पर ड्रग्स खरीदता था।

मिरांडा और जैद के बीच संपर्क भी साबित हुआ

मिरांडा ने पूछताछ के दौरान बताया कि वह सुशांत के लिए ड्रग्स खरीदता था। जैद के जरिए मिरांडा बड्स लिया करता था। मिरांडा को जैद का नंबर शोविक ने ही दिया था। जैद ने भी पूछताछ में कबूल किया कि सुशांत की मौत के बाद जुलाई के अंत में भी उसने मिरांडा को ड्रग्स सप्लाई की। जैद ने यह भी कहा है कि शोविक ने इसके लिए नगद पैसे दिए थे।

रिया की गिरफ्तारी भी तय?

सूत्रों के मुताबिक, इलेक्ट्रॉनिक एविडेंस के आधार पर शोविक इस बात से इनकार नहीं सका कि उसने रिया के कहने पर भी कई बार ड्रग्स खरीदा था। इसलिए माना जा रहा है कि अभिनेत्री की गिरफ्तारी भी लगभग तय है। शुक्रवार की सुबह 6 बजकर 40 मिनट पर रिया और मिरांडा के घर पर छापे के साथ शुरू हुई एनसीबी की ताबड़तोड़ कार्रवाई अभी भी जारी है। दूसरी ओर सीबीआई 16 दिन से लगातार जांच कर रही है। शनिवार को सुशांत के संपर्क में रहे कुछ और लोगों को आज डीआरडीओ ऑफिस बुलाया जाएगा।

सुशांत केस से जुड़ी ये खबरें भी पढ़ सकते हैं...

1. सुशांत केस में नया दावा:अभिनेता के पूर्व अकाउंटेंट ने ईडी को बताया- श्रुति मोदी सुशांत को बैंक स्टेटमेंट नहीं दिखाती थीं, मामला सुलझाने के लिए रिया चक्रवर्ती को बुला लेती थीं

2. सुशांत की साइकोथेरेपिस्ट का बयान वायरल:डॉ. सुजैन वॉकर ने कहा- सुशांत को यकीन होने लगा था कि वे अब ठीक नहीं हो सकते, वे अपनी बीमारी को लेकर लापरवाह थे

3 .360 डिग्री घूमा सुशांत डेथ केस:खुदकुशी की थ्योरी से शुरू हुआ मामला अब फिर वहीं पहुंचा, लेकिन एक अभिनेता की मौत बॉलीवुड को ड्रग्स मुक्त कराने का अभियान बन गई



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शोविक के बाद उनकी बहन रिया चक्रवर्ती की गिरफ्तारी भी लगभग तय मानी जा रही है।


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बैंक से होम लोन लेने में हो रही है परेशानी तो नॉन बैंकिंग फाइनेंस कंपनी में करें अप्लाई, यहां जानें किस NBFC से लोन लेना रहेगा फायदेमंद

इन दिनों अगर आप होम लोन लेना चाह रहे हैं लेकिन बैंक से लोन लेने में आपको परेशानी आ रही हैं तो आप नॉन बैंकिंग फाइनेंस कंपनियों (NBFC) से लोन ले सकते हैं। LIC हाउसिंग फाइनेंस लिमिटेड और HDFC लिमिटेड सहित कई वित्तीय संस्थाएं इस समय 8 फीसदी से भी ब्याज पर लोन दे रहीं हैं। हम आपको ऐसे ही नॉन बैंकिंग फाइनेंस कंपनियों की होम लोन ब्याज दरों के बारे में बता रहे हैं। आप इनमें से किसी में भी अपनी सुविधा के अनुसार लोन के लिए अप्लाई कर सकते हैं।

यहां जानें कौन सा बैंक किस ब्याज दर पर दे रहा लोन

बैंकब्याज दर(%)
LIC हाउसिंग फाइनेंस6.90
HDFC लिमिटेड7.20
कैन फिन होम्स7.95
Aavas Financiers8.00
टाटा कैपिटल8.50
PNB हाउसिंग फाइनेंस8.60
दीवान हाउसिंग फाइनेंस8.75
इंडियाबुल्स हाउसिंग फाइनेंस8.99

नोट - आपके सिविल स्कोर का असर भी ब्याज दर पर पड़ता है।

अगर आप 7 फीसदी ब्याज पर लोन लेते हैं तो कितनी EMI देनी होगी

होम लोन अमाउंट30 लाख रु.
अवधि20 साल
EMI23,259 रु.
कुल ब्याज25,82,152 रु.
कुल पेमेंट55,82,152 रु.

अगर आप 8 फीसदी ब्याज पर लोन लेते हैं तो कितनी EMI देनी होगी

होम लोन अमाउंट30 लाख रु.
अवधि20 साल
EMI25,093 रु.
कुल ब्याज30,22,368 रु.
कुल पेमेंट60,22,368 रु.

अगर आप 9 फीसदी ब्याज पर लोन लेते हैं तो कितनी EMI देनी होगी

होम लोन अमाउंट30 लाख रु.
अवधि20 साल
EMI26,992 रु.
कुल ब्याज34,78,027 रु.
कुल पेमेंट64,78,027 रु.

अगर आप 10 फीसदी ब्याज पर लोन लेते हैं तो कितनी EMI देनी होगी

होम लोन अमाउंट30 लाख रु.
अवधि20 साल
EMI28,951 रु.
कुल ब्याज39,48,156 रु.
कुल पेमेंट69,48,156 रु.

नोट: ये कैलकुलेशन एक मोटे अनुमान के तौर पर दिया गया है।



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फिलहाल होम लोन की ब्याज दरें अपने निचले स्तर पर आ गई हैं


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